22 जून 2026 पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि, नक्षत्र और आज का संपूर्ण पंचांग

22 जून 2026 का संपूर्ण पंचांग पढ़ें। जानें शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, मघा नक्षत्र, सिद्धि योग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय और सोमवार के धार्मिक उपाय।

Published On 2026-06-12 16:19 GMT   |   Update On 2026-06-12 16:19 GMT

आज का पंचांग – 22 जून 2026 (सोमवार)

22 जून 2026 पंचांग

22 जून 2026, सोमवार का दिन भगवान शिव और चंद्रदेव को समर्पित है। सोमवार का दिन मन की शांति, आध्यात्मिक उन्नति, पारिवारिक सुख और मानसिक संतुलन के लिए विशेष माना जाता है। शिव आराधना से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

पंचांग विवरण

दिन: सोमवार

मास: आषाढ़ मास

पक्ष: शुक्ल पक्ष

तिथि: षष्ठी

विक्रम संवत: 2083

ऋतु: वर्षा ऋतु

सूर्य राशि: मिथुन

चंद्र राशि: सिंह

सूर्योदय: प्रातः 05:26 बजे

सूर्यास्त: सायं 07:40 बजे

तिथि

शुक्ल पक्ष षष्ठी

षष्ठी तिथि भगवान कार्तिकेय और माता कात्यायनी की पूजा के लिए शुभ मानी जाती है। यह तिथि साहस, सफलता और शत्रुओं पर विजय का प्रतीक मानी जाती है।

नक्षत्र

मघा नक्षत्र

मघा नक्षत्र सम्मान, प्रतिष्ठा, नेतृत्व क्षमता और पूर्वजों के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए कार्यों से यश और सम्मान प्राप्त होने की संभावना रहती है।

योग

सिद्धि योग

सिद्धि योग अत्यंत शुभ माना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता और शुभ परिणाम प्राप्त होने की संभावना अधिक रहती है।

करण

तैतिल करण

गर करण

ये दोनों करण व्यापार, निवेश, यात्रा और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं।

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

11:56 AM – 12:47 PM

विजय मुहूर्त

02:38 PM – 03:34 PM

अमृत काल

09:42 AM – 11:18 AM

सर्वार्थ सिद्धि योग

दिनभर शुभ प्रभाव

अशुभ समय

राहुकाल

07:30 AM – 09:00 AM

यमगण्ड काल

10:30 AM – 12:00 PM

गुलिक काल

01:30 PM – 03:00 PM

इन समयों में नए और मांगलिक कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।

धार्मिक महत्व

सोमवार को भगवान शिव की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।

षष्ठी तिथि साहस, विजय और सफलता का प्रतीक है।

शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।

मघा नक्षत्र में पितरों का स्मरण करना शुभ माना जाता है।

सोमवार के उपाय

शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करें।

"ॐ नमः शिवाय" मंत्र का 108 बार जाप करें।

सफेद वस्त्र, चावल या दूध का दान करें।

गरीबों को भोजन कराएं।

क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।

आज का दिन आत्मविश्वास, सम्मान, पारिवारिक सुख और आध्यात्मिक उन्नति का संकेत देता है। धैर्य और संयम के साथ किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहेगी।

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