माँ मनसा देवी की आरती

जय जय माँ मनसा भवानी।

सर्पों की तू है महा रानी॥

तेरे दर पे जो शीश नवावे।

मनवांछित फल वह जन पावे॥

मनोकामना पूर्ण कराने वाली।

सच्चे मन से जो पुकारे, उसकी रखवाली॥

फनधारी नागों की तू माता।

सब संकट से तू ही बचाता॥

लाल चुनरिया तू पर धारी।

तेरी महिमा सबसे न्यारी॥

शिव की बहना, शक्ति की दाता।

भक्तों का तू भाग्य विधाता॥

पूजन तेरा जो जन करता।

जीवन में वह भय नहीं करता॥

आरती माँ मनसा की गाओ।

सच्चे मन से भक्ति दिखाओ॥

जो भी भक्त तुझको ध्यावे।

मनसा माता सब दुख भगावे॥

माँ मनसा देवी का मंत्र:

"ॐ ऐं ह्रीं क्लीं मनसादेव्यै नमः"

इस मंत्र का जाप करने से जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और मन की इच्छाएं पूर्ण होती हैं।

माँ मनसा देवी की पूजा का विशेष दिन:

नाग पंचमी

श्रावण मास (सावन)

सोमवार और मंगलवार

नवरात्रि

आरती करने के लाभ:

सर्प दोष और भय से मुक्ति

मनोकामनाओं की पूर्ति

मानसिक शांति और शक्ति की प्राप्ति

जीवन में बाधाओं से सुरक्षा

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