अमलकी एकादशी 2026: जानें शुभ तिथि, तुलसी-अमलकी उपाय और विष्णु-लक्ष्मी की कृपा पाने के आसान तरीके

अमलकी एकादशी 17 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। जानें इस दिन का धार्मिक महत्व, तुलसी और आंवला से जुड़े खास उपाय, व्रत विधि और भगवान विष्णु-लक्ष्मी की कृपा पाने के सरल उपाय। पढ़ें पूरी जानकारी।

Published On 2026-02-25 16:05 GMT   |   Update On 2026-02-25 16:05 GMT

अमलकी एकादशी 2026: तुलसी-अमलकी उपाय, शुभ तिथि और विष्णु-लक्ष्मी की कृपा पाने के आसान उपाय

Amalaki Ekadashi 2026 Tulsi Upay: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु को समर्पित अत्यंत शुभ माना जाता है। वर्ष 2026 में फाल्गुन मास की एकादशी, जिसे अमलकी एकादशी या रंगभरी एकादशी कहा जाता है, इस बार भावपूर्वक पूजा-उपासना और उपायों से विष्णु-लक्ष्मी की विशेष कृपा पाने का अवसर लेकर आ रही है।

धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए तुलसी एवं अमलकी के उपाय लाभ, समृद्धि तथा मानसिक संतुलन देने वाले माने जाते हैं।

Amalaki Ekadashi 2026 Tulsi Upay: पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष को एकादशी का व्रत रखा जाता है। इसे आमलकी, आंवला एकादशी के अलावा रंगभरी एकादशी के नाम से जानते हैं। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत करने से आपकी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती है। आमलकी एकादशी को आंवला की पूजा करने से भी विशेष फलों की प्राप्ति हो सकती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत, पूजा पाठ करने के साथ कुछ तुलसी संबंधित ज्योतिषीय उपायों को करने से मां लक्ष्मी अति प्रसन्न हो सकती है और सुख-संपदा का आशीर्वाद दे सकती है। आइए जानते हैं आमलकी एकादशी के दिन तुलसी संबंधित कौन से उपाय करना लाभकारी हो सकता है

अमलकी एकादशी 2026 कब है?

तिथि: एकादशी तिथि ,दिनांक: 17 मार्च 2026, मंगलवार,तिथि की शुरुआत सुबह से होती है और यह अगले दिन तक जारी रहती है।

अमलकी एकादशी का व्रत और पूजा इसी दिन किए जाने का विधान माना जाता है।

आमलकी एकादशी पर करें तुलसी संबंधित ये उपाय

तुलसी के पौधे पर चढ़ाएं चुनरी

आमलकी एकादशी के दिन तुलसी जी की विधिवत पूजा करने के साथ लाल चुनरी के साथ सोलह श्रृंगार चढ़ाएं। इससे वैवाहिक जीवन में खुशियां आती है।

तुलसी के पौधे पर जलाएं दीपक

एकादशी को शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं। मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से सुख-समृद्धि आती है। इसी के साथ ही तुलसी के पौधे की विधिवत पूजा करने के साथ पेड़े, खीर का भोग लगाना लाभकारी माना जाता है।

सूखी तुलसी की लकड़ियों के करें ये उपाय

आमलकी एकादशी के दिन 4-5 सूखी तुलसी की लकड़ियां लेकर इसे बंडल बनाकर सफेद धागा या फिर सूत से बांध दें। इसके बाद एक लोटे या कटोरी में गंगाजल लें। फिर इन लकड़ियों की मदद से पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव कर दें। ऐसा करने से वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा दूर हो सकती है।

अमलकी एकादशी का धार्मिक महत्व

एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और माना जाता है कि इस दिन पूजा-अर्चना करने से पापों का नाश होता है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।

विशेष रूप से अमलकी एकादशी को रंगभरी एकादशी भी कहा जाता है — इसका अर्थ है कि यह तिथि व्यक्ति के जीवन में रंग-भरी खुशियाँ, वैभव तथा सकारात्मक परिणाम लाती है।

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