देवशयनी एकादशी 2026: 24 या 25 जुलाई? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि
Devshayani Ekadashi 2026 Date: जानें 24 या 25 जुलाई में कब रखा जाएगा देवशयनी (हरिशयनी) एकादशी व्रत, शुभ मुहूर्त, पारण का समय, पूजा विधि, धार्मिक महत्व
देवशयनी एकादशी 2026: 24 या 25 जुलाई? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और कब से शुरू होगा चातुर्मास
देवशयनी एकादशी को हरिशयनी एकादशी और आषाढ़ी एकादशी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में चार माह की योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं और चातुर्मास का आरंभ होता है। इस अवधि में विवाह जैसे मांगलिक कार्य पारंपरिक रूप से नहीं किए जाते।
देवशयनी एकादशी 2026 तिथि (Kab Hai Devshayani Ekadashi 2026)
फ्यूचर पंचांग के अनुसार साल 2026 में आषाढ़ माह की शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी तिथि का आरंभ 24 जुलाई को सुबह 09:13 बजे होगा। यह तिथि 25 जुलाई को सुबह 11:35 बजे समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के आधार पर इस साल देवशयनी एकादशी का व्रत 25 जुलाई को रखा जाएगा।
देवशयनी एकादशी शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:16 बजे से सुबह 04:57 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:55 बजे तक
संध्या काल मुहूर्त- शाम 07:17 बजे से रात 08:19 बजे तक
पारण का समय- 26 जुलाई को सुबह 05:38 बजे से सुबह 08:22 बजे बजे तक
देवशयनी (हरिशयनी) एकादशी का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में देवशयनी एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं और देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी पर जागते हैं। इस कारण देवशयनी एकादशी से आरंभ होने वाले चातुर्मास में साधना, भक्ति, व्रत, कथा-श्रवण, दान-पुण्य और सात्विक जीवन का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने, श्रीहरि का पूजन करने, विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने तथा जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करने से पापों का क्षय होता है, सुख-समृद्धि प्राप्त होती है और अंत में मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।