Ganesh Chaturthi 2026: गणपति बप्पा को भूलकर भी न चढ़ाएं ये चीजें, पूजा में रखें इन बातों का ध्यान

Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी का पर्व इस साल 14 सितंबर 2026, सोमवार से शुरू होगा। इस दिन घरों और पंडालों में भगवान गणेश की स्थापना कर विधि-विधान से पूजा की जाएगी। 10 दिनों तक चलने वाला गणेश उत्सव 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन के साथ समाप्त होगा।

गणपति पूजा में दूर्वा, मोदक, लाल फूल और सिंदूर जैसी चीजों का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ वस्तुएं ऐसी हैं, जिन्हें भगवान गणेश को अर्पित नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि पूजा में इन चीजों का इस्तेमाल करने से पूजा का शुभ फल नहीं मिलता। आइए जानते हैं कि गणेश जी को कौन-कौन सी चीजें नहीं चढ़ानी चाहिए।

1. गणपति को न चढ़ाएं तुलसी

भगवान गणेश की पूजा में तुलसी के पत्ते चढ़ाना वर्जित माना जाता है। इसके पीछे एक पौराणिक कथा जुड़ी हुई है। मान्यता के अनुसार तुलसी ने गणेश जी को विवाह का प्रस्ताव दिया था, जिसे गणेश जी ने स्वीकार नहीं किया। इससे नाराज होकर तुलसी ने उन्हें श्राप दिया और गणेश जी ने भी तुलसी को लेकर एक श्राप दिया।

इसी धार्मिक मान्यता के कारण गणेश पूजा में तुलसी दल का इस्तेमाल नहीं किया जाता।

2. केतकी का फूल न करें अर्पित

केतकी का फूल भी भगवान गणेश को नहीं चढ़ाने की मान्यता है। धार्मिक परंपराओं में केतकी के फूल को भगवान शिव की पूजा में भी वर्जित माना जाता है। चूंकि गणेश जी भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र हैं, इसलिए उनकी पूजा में भी केतकी का फूल न चढ़ाने की परंपरा कई स्थानों पर मानी जाती है।

गणेश जी को लाल फूल, विशेषकर गुड़हल का फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है।

3. टूटे हुए चावल यानी खंडित अक्षत न चढ़ाएं

गणेश पूजा में अक्षत यानी साबुत चावल का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन टूटे हुए चावल या खंडित अक्षत अर्पित करने से बचना चाहिए।

धार्मिक मान्यता में अक्षत को पूर्णता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसलिए पूजा के दौरान हमेशा साफ और साबुत चावल का ही इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है।

4. सफेद चीजें चढ़ाने से बचें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश को कुछ सफेद वस्तुएं अर्पित करना भी शुभ नहीं माना जाता। इसके पीछे चंद्रदेव से जुड़ी एक पौराणिक कथा बताई जाती है।

मान्यता है कि चंद्रमा ने गणेश जी का उपहास किया था, जिसके बाद गणेश जी ने उन्हें श्राप दिया। इसी वजह से गणेश पूजा में चंद्रमा से संबंधित सफेद वस्तुओं को लेकर कुछ परंपराओं में सावधानी बरतने की बात कही जाती है।

हालांकि अलग-अलग क्षेत्रों और पूजा परंपराओं में नियम अलग हो सकते हैं।

5. सूखे या मुरझाए फूल न चढ़ाएं

गणपति पूजा में हमेशा ताजे फूलों का इस्तेमाल करना चाहिए। सूखे, टूटे या मुरझाए हुए फूल पूजा सामग्री में शामिल न करें।

मान्यता के अनुसार भगवान को ताजा और स्वच्छ सामग्री अर्पित करना शुभ होता है। इसलिए पूजा से पहले फूलों की अच्छी तरह जांच कर लें और खराब फूलों को अलग कर दें।

6. काले और नीले वस्त्रों से बचें

कुछ धार्मिक परंपराओं में गणपति पूजा के दौरान भगवान को काले या गहरे नीले रंग के वस्त्र अर्पित करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके बजाय लाल, पीले या अन्य शुभ रंगों के वस्त्र अर्पित करना शुभ माना जाता है।

हालांकि यह नियम सभी परंपराओं में समान नहीं है, इसलिए अपने परिवार की पूजा पद्धति को भी ध्यान में रखना चाहिए।

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