घर में मृत परिजनों की तस्वीर किस दिशा में लगानी चाहिए? जानें वास्तु के अनुसार सही दिशा और जरूरी नियम

Vastu Tips: घर में दिवंगत परिजनों की तस्वीर लगाना भावनाओं और यादों से जुड़ा विषय है। लोग अपने प्रियजनों की यादों को हमेशा अपने साथ रखने के लिए उनकी तस्वीर घर में लगाते हैं। हालांकि, वास्तु शास्त्र में ऐसी तस्वीरों को रखने की दिशा और स्थान को लेकर कुछ मान्यताएं बताई गई हैं।

वास्तु के अनुसार, मृत परिजनों की तस्वीर को सही स्थान पर रखने से घर का वातावरण संतुलित और सकारात्मक बनाए रखने में मदद मिल सकती है। वहीं, इन्हें पूजा घर या देवी-देवताओं की तस्वीरों के साथ रखने से बचने की सलाह दी जाती है।

मृत व्यक्ति की तस्वीर किस दिशा में लगानी चाहिए?

वास्तु की पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार दक्षिण दिशा को पितरों की दिशा माना जाता है। इसलिए दिवंगत परिजनों की तस्वीर लगाने के लिए दक्षिण दिशा को उपयुक्त माना जाता है।

घर की दक्षिणी दीवार पर तस्वीर लगाई जा सकती है। तस्वीर ऐसी जगह लगाएं जहां वह सम्मानजनक स्थिति में रहे और घर में आने-जाने वाले लोगों के पैरों की दिशा में न हो।

कुछ वास्तु परंपराओं में घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा को भी पितरों से संबंधित माना जाता है। हालांकि, अलग-अलग वास्तु परंपराओं में दिशा संबंधी सलाह अलग हो सकती है।

क्या पूजा घर में मृत व्यक्ति की तस्वीर लगा सकते हैं?

वास्तु और धार्मिक परंपराओं में सामान्यतः दिवंगत परिजनों की तस्वीर को देवी-देवताओं की तस्वीर या मूर्ति के साथ पूजा घर में रखने की सलाह नहीं दी जाती।

इसका कारण यह माना जाता है कि पूजा स्थान देवी-देवताओं की उपासना के लिए होता है, जबकि दिवंगत परिजनों की स्मृति के लिए अलग स्थान रखना अधिक उचित माना जाता है।

इसलिए यदि घर में पूजा का स्थान है तो वहां केवल देवी-देवताओं की तस्वीर या मूर्ति रखना बेहतर माना जाता है।

बेडरूम में मृत व्यक्ति की तस्वीर लगाना सही है?

बेडरूम में दिवंगत व्यक्ति की तस्वीर लगाने से आमतौर पर बचने की सलाह दी जाती है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार बेडरूम आराम और निजी जीवन का स्थान होता है, इसलिए यहां ऐसी तस्वीर रखने के बजाय घर के किसी अन्य सम्मानजनक स्थान को चुना जा सकता है।

यदि भावनात्मक कारणों से तस्वीर बेडरूम में रखना जरूरी हो, तो उसे बिस्तर के ठीक सामने या सिरहाने के ऊपर लगाने से बचें।

मृत व्यक्ति की तस्वीर कहां नहीं लगानी चाहिए?

वास्तु की मान्यताओं के अनुसार इन जगहों पर दिवंगत परिजनों की तस्वीर लगाने से बचना चाहिए—

पूजा घर में देवी-देवताओं के साथ

रसोईघर में

बाथरूम के पास

घर के मुख्य दरवाजे के ठीक सामने

ऐसी जगह जहां तस्वीर पर धूल या गंदगी जमा होती रहे

ऐसी जगह जहां तस्वीर के सामने सामान रखा रहता हो

तस्वीर को साफ-सुथरी और सम्मानजनक जगह पर रखना बेहतर माना जाता है।

क्या मृत व्यक्ति की कई तस्वीरें एक साथ लगा सकते हैं?

घर में दिवंगत परिवार के सदस्यों की तस्वीरें लगाई जा सकती हैं, लेकिन बहुत सारी तस्वीरों को एक ही स्थान पर लगाने से बचना बेहतर माना जाता है। एक साफ-सुथरी और व्यवस्थित जगह पर तस्वीरें लगाना अधिक उचित रहता है।

परिवार की परंपरा के अनुसार अलग-अलग दिवंगत सदस्यों की तस्वीरों के लिए अलग स्थान भी निर्धारित किया जा सकता है।

क्या तस्वीर के सामने दीपक जला सकते हैं?

दिवंगत परिजनों की स्मृति में दीपक जलाना कई परिवारों की परंपरा का हिस्सा है। यदि परिवार में ऐसी परंपरा है तो तस्वीर के पास सुरक्षित स्थान पर दीपक या दीपक की व्यवस्था की जा सकती है।

हालांकि, इसे वास्तु का अनिवार्य नियम नहीं माना जाना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात तस्वीर को सम्मानपूर्वक रखना और आग से सुरक्षा का ध्यान रखना है।

क्या मृत व्यक्ति की तस्वीर उत्तर दिशा में लगा सकते हैं?

वास्तु की पारंपरिक मान्यताओं में पितरों से संबंधित तस्वीरों के लिए दक्षिण दिशा को प्राथमिकता दी जाती है। इसलिए यदि विकल्प उपलब्ध हो तो दक्षिण दिशा को चुना जा सकता है।

यदि घर की बनावट ऐसी है कि दक्षिण दिशा में तस्वीर लगाना संभव नहीं है, तो केवल दिशा को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। परिवार की सुविधा और तस्वीर के सम्मानजनक स्थान को प्राथमिकता देना बेहतर है।

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