Trishul Damru Vastu 2026: सावन में घर लाएं त्रिशूल-डमरू तो इस दिशा में रखें, जानें सही नियम
Trishul Damru Vastu 2026: सावन में घर पर त्रिशूल और डमरू लाना चाहते हैं तो जानें इन्हें किस दिशा में रखना शुभ माना जाता है, पूजा घर और मुख्य द्वार पर रखने के सही नियम और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
Trishul Damru Vastu 2026: सावन में घर लाएं त्रिशूल-डमरू तो इस दिशा में रखें, जानें सही नियम
Trishul Damru Vastu: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए खास माना जाता है। इस दौरान शिव भक्त मंदिरों में पूजा-अभिषेक करने के साथ घर में भी भोलेनाथ से जुड़ी वस्तुएं लाते हैं। त्रिशूल और डमरू भगवान शिव के प्रमुख प्रतीकों में शामिल हैं, इसलिए इन्हें घर में रखने को लेकर भी कई धार्मिक और वास्तु मान्यताएं प्रचलित हैं।
मान्यता है कि अगर त्रिशूल और डमरू को घर में सही दिशा और उचित स्थान पर रखा जाए तो इससे सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में मदद मिल सकती है। वहीं इन्हें रखने के स्थान की साफ-सफाई और पवित्रता का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है।
अगर आप भी इस सावन घर में त्रिशूल और डमरू लाने की सोच रहे हैं तो पहले जान लें कि इन्हें किस दिशा में रखना शुभ माना जाता है, पूजा घर में कहां रखना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
घर में त्रिशूल और डमरू किस दिशा में रखें?
वास्तु मान्यताओं के अनुसार त्रिशूल और डमरू रखने के लिए उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को शुभ माना जाता है। धार्मिक और वास्तु परंपराओं में ईशान कोण को विशेष महत्व दिया गया है।
अगर आपके घर में ईशान कोण में इन्हें रखने की जगह नहीं है तो पूर्व दिशा को दूसरा विकल्प माना जा सकता है। मान्यता है कि इस दिशा में शिव से जुड़े प्रतीक रखने से घर के वातावरण में सकारात्मकता बनी रहती है।
हालांकि वास्तु संबंधी ये बातें धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं और इनके प्रभाव का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
पूजा घर में त्रिशूल और डमरू रखना शुभ?
अगर घर में मंदिर या पूजा स्थल बना हुआ है तो वहां भगवान शिव की प्रतिमा या शिवलिंग के पास त्रिशूल और डमरू रखा जा सकता है।
इन्हें पूजा स्थल में रखने से पहले यह ध्यान रखें कि वहां नियमित रूप से साफ-सफाई होती हो। त्रिशूल और डमरू को ऐसी जगह नहीं रखना चाहिए जहां धूल-मिट्टी जमा होती रहती हो।
धार्मिक मान्यता के अनुसार शिव पूजा के दौरान त्रिशूल पर तिलक लगाया जा सकता है और डमरू भी बजाया जाता है।
मुख्य द्वार पर भी लगा सकते हैं त्रिशूल-डमरू
अगर आप घर के पूजा स्थल के अलावा शिव प्रतीक को मुख्य द्वार पर लगाना चाहते हैं तो त्रिशूल या डमरू का छोटा प्रतीक, चित्र अथवा यंत्र मुख्य द्वार के ऊपर लगाया जा सकता है।
धार्मिक मान्यताओं में मुख्य द्वार को घर में ऊर्जा के प्रवेश का स्थान माना जाता है। इसी वजह से कुछ लोग यहां शिव से जुड़े प्रतीकों को लगाने को सकारात्मकता और नकारात्मकता से बचाव से जोड़कर देखते हैं।
ध्यान रखें कि मुख्य द्वार पर लगाते समय प्रतीक साफ और सम्मानजनक स्थिति में होना चाहिए।
त्रिशूल रखते समय इन बातों का रखें ध्यान
घर में त्रिशूल रखना केवल सजावट के तौर पर न करें, बल्कि अगर इसे धार्मिक प्रतीक के रूप में स्थापित कर रहे हैं तो सम्मान और स्वच्छता का ध्यान रखें।