अगस्त 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण: जानें तारीख, समय, क्या भारत में दिखेगा और क्या लगेगा सूतक?

12 अगस्त 2026 को लगने वाले दूसरे सूर्य ग्रहण की पूरी जानकारी पढ़ें। जानें ग्रहण का समय, क्या यह भारत में दिखाई देगा, सूतक काल मान्य होगा या नहीं, धार्मिक मान्यता और वैज्ञानिक कारण।

Published On 2026-08-04 16:41 GMT   |   Update On 2026-08-04 16:41 GMT

अगस्त 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण: जानें तारीख, समय, क्या भारत में दिखेगा और क्या लगेगा सूतक?

साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 (बुधवार) को लगेगा। यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) होगा, जिसे दुनिया के कुछ हिस्सों जैसे ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, उत्तरी रूस और आर्कटिक क्षेत्र में देखा जा सकेगा।

क्या भारत में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण?

नहीं। 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ग्रहण भारतीय समय के अनुसार रात के समय पड़ेगा, इसलिए भारत में इसे प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा जा सकेगा।

क्या भारत में सूतक काल मान्य होगा?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल केवल वहीं माना जाता है, जहां ग्रहण दिखाई देता है। चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा और मंदिरों में नियमित पूजा-पाठ एवं दैनिक कार्य सामान्य रूप से किए जा सकते हैं।

ग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार)

ग्रहण प्रारंभ: 12 अगस्त 2026, रात लगभग 9:02 बजे

पूर्ण ग्रहण प्रारंभ: रात लगभग 10:23 बजे

ग्रहण का चरम: रात लगभग 11:16 बजे

पूर्ण ग्रहण समाप्त: 13 अगस्त, रात 12:08 बजे

ग्रहण समाप्त: 13 अगस्त, रात लगभग 1:28 बजे

धार्मिक मान्यता

ज्योतिष और धर्मशास्त्र में सूर्य ग्रहण को महत्वपूर्ण घटना माना जाता है। जहां ग्रहण दिखाई देता है, वहां ग्रहण के दौरान पूजा, मंत्र जाप और दान का विशेष महत्व बताया जाता है। हालांकि भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक संबंधी प्रतिबंध लागू नहीं माने जाते।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

वैज्ञानिकों के अनुसार सूर्य ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है, जो तब होती है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और सूर्य का प्रकाश कुछ समय के लिए ढक जाता है। 12 अगस्त 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण दुनिया भर के खगोल वैज्ञानिकों के लिए भी विशेष महत्व रखता है।

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