आषाढ़ मास 2026 कब से शुरू होगा? जानें तिथि, धार्मिक महत्व, चातुर्मास, गुरु पूर्णिमा और क्या करें-क्या न करें

आषाढ़ मास 2026 की शुरुआत कब होगी और इसका धार्मिक महत्व क्या है? जानें हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास 2026 की प्रारंभ और समाप्ति तिथि, देवशयनी एकादशी, चातुर्मास, गुरु पूर्णिमा, भगवान विष्णु की पूजा का महत्व तथा इस पवित्र महीने में किए जाने वाले शुभ कार्य और किन बातों से बचना चाहिए। पढ़ें आषाढ़ माह से जुड़ी संपूर्ण धार्मिक जानकारी और मान्यताएं।

Published On 2026-06-16 15:56 GMT   |   Update On 2026-06-16 15:56 GMT

आषाढ़ मास 2026: कब से शुरू होगा, महत्व और क्या करें-क्या न करें

हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास 2026 का आरंभ 30 जून 2026, मंगलवार से होगा और यह 29 जुलाई 2026 तक रहेगा। यह हिंदू वर्ष का चौथा महीना माना जाता है और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

आषाढ़ मास का धार्मिक महत्व

आषाढ़ हिंदू धर्म के पवित्र महीनों में से एक है। इसी महीने में प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन होता है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी मनाई जाती है, जिसके बाद भगवान विष्णु चार माह के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसी के साथ चातुर्मास की शुरुआत होती है।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार आषाढ़ मास में भगवान विष्णु की पूजा, श्रीहरि नाम का जप और धार्मिक अनुष्ठान करने से सुख-समृद्धि और पुण्य की प्राप्ति होती है। गुरु पूर्णिमा का पर्व भी इसी महीने में आता है, जो गुरु के प्रति श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक माना जाता है।

आषाढ़ मास में करें ये कार्य

रोज स्नान के बाद भगवान विष्णु की पूजा करें।

विष्णु सहस्रनाम और श्रीहरि मंत्रों का जाप करें।

जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र और धन का दान दें।

एकादशी व्रत का पालन करें।

धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन और सत्संग में भाग लें।

गुरु पूर्णिमा के दिन गुरुजनों का सम्मान करें।

आषाढ़ मास में इन कार्यों को करने से बचें

तामसिक भोजन और नशे से दूर रहें।

क्रोध, विवाद और कटु वचन बोलने से बचें।

किसी का अपमान न करें और सेवा भाव बनाए रखें।

धार्मिक कार्यों में लापरवाही न बरतें।

स्वच्छता और सात्विक जीवनशैली का पालन करें।

Tags:    

Similar News