आज का पंचांग 14 मार्च 2026: एकादशी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र, राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त

आज का पंचांग 14 मार्च 2026 (शनिवार) के अनुसार फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है और इस दिन भगवान विष्णु की पूजा तथा व्रत रखने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना करने से जीवन की बाधाएं दूर हो सकती हैं और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

Published On 2026-03-05 16:08 GMT   |   Update On 2026-03-05 16:08 GMT

आज का पंचांग 14 मार्च 2026: तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग – 14 मार्च 2026 शनिवार

14 मार्च 2026, शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित माना जाता है। यह दिन कर्म, अनुशासन, धैर्य और जिम्मेदारी का प्रतीक होता है। पंचांग के अनुसार आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है।

शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत रखने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। मान्यता है कि एकादशी व्रत से मन की शुद्धि होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।

14 मार्च 2026 पंचांग विवरण

दिन: शनिवार

मास: फाल्गुन

पक्ष: शुक्ल पक्ष

तिथि: एकादशी

विक्रम संवत: 2082

ऋतु: शिशिर

सूर्य राशि: कुंभ

सूर्योदय: प्रातः लगभग 06:27 बजे

सूर्यास्त: सायं लगभग 06:48 बजे

आज का नक्षत्र और चंद्र राशि

नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी

चंद्र राशि: सिंह

पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र को आनंद, रचनात्मकता और सामाजिक संबंधों का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में कला, सौंदर्य और रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलने की संभावना रहती है।

आज के योग और करण

योग: सिद्ध योग

करण: वणिज, विष्टि

सिद्ध योग को अत्यंत शुभ माना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है।

14 मार्च 2026 के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

समय: दोपहर लगभग 12:09 बजे से 12:57 बजे तक

यह समय पूजा-पाठ, नए कार्य आरंभ करने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए शुभ माना जाता है।

राहुकाल और अशुभ समय

राहुकाल: सुबह लगभग 09:00 बजे से 10:30 बजे तक

गुलिक काल: सुबह लगभग 06:27 बजे से 07:57 बजे तक

यमगण्ड काल: दोपहर लगभग 01:30 बजे से 03:00 बजे तक

इन समयों में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।

14 मार्च 2026 का धार्मिक महत्व

एकादशी तिथि भगवान विष्णु की पूजा के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है

शनिवार को शनि देव की पूजा से कष्ट और बाधाएं कम होती हैं

व्रत और दान-पुण्य करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है

आध्यात्मिक साधना और आत्मचिंतन के लिए उत्तम दिन

शनिवार के विशेष उपाय

आज शुभ फल प्राप्त करने के लिए

पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं

“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें

काले तिल या उड़द दाल का दान करें

जरूरतमंद लोगों की सहायता करें

आज का दिन कैसा रहेगा

आज का दिन धैर्य, संयम और धार्मिक कार्यों के लिए अनुकूल रहेगा। आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है। सोच-समझकर किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना रहेगी।

14 मार्च 2026 का पंचांग धर्म, संयम और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है। भगवान विष्णु और शनि देव की कृपा से आज का दिन शुभ और मंगलमय हो सकता है।

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