कजरी तीज 2026: कब है कजरी तीज? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत नियम और धार्मिक महत्व

कजरी तीज 2026 कब है? जानें 31 अगस्त 2026 की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत विधि, धार्मिक महत्व और शिव-पार्वती पूजा का महत्व।

Published On 2026-08-02 17:19 GMT   |   Update On 2026-08-02 17:19 GMT

कजरी तीज 2026: कब है कजरी तीज? जानें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत विधि और धार्मिक महत्व

कजरी तीज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला प्रमुख हिंदू पर्व है। इसे बड़ी तीज और कजली तीज के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित कन्याएं योग्य जीवनसाथी की कामना से माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं। वर्ष 2026 में कजरी तीज 31 अगस्त (सोमवार) को मनाई जाएगी।

साल 2026 में कब मनाई जाएगी कजरी तीज?

इस साल कजरी तीज का पर्व 31 अगस्त 2026, सोमवार के दिन मनाई जाएगी।

तृतीया तिथि की शुरुआत- 30 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 36 मिनट से

तृतीया तिथि की समाप्ति- 31 अगस्त 2026 को सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर

कजरी तीज पूजा का शुभ मुहूर्त 2026

वैदिक पंचांग के अनुसार इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर में 11:56 ए एम से 12:47 पी एम तक है। इस बीच में पूजा- अर्चना कर सकते हैं।

कजरी तीज का धार्मिक महत्व

सनातन परंपरा में कजरी तीज का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी अटूट भक्ति और समर्पण से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। इसी कारण कजरी तीज पर शिव-पार्वती की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में प्रेम, सुख और सौहार्द बना रहता है।

मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक व्रत और पूजा करने से दांपत्य जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, परिवार में सुख-शांति आती है और सौभाग्य में वृद्धि होती है। अविवाहित कन्याओं के लिए भी यह व्रत अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि श्रद्धापूर्वक पूजा करने से योग्य और मनचाहे वर की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है।

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