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Som Pradosh Vrat March 2026: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित अत्यंत पवित्र व्रत माना जाता है। यह व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। जब प्रदोष व्रत सोमवार के दिन पड़ता है तो उसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। जानें मार्च 2026 में सोम प्रदोष व्रत कब है, पूजा का शुभ मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त, प्रदोष काल और इस व्रत का धार्मिक महत्व।

Published On 2026-03-11 16:48 GMT   |   Update On 2026-03-11 16:48 GMT

सोम प्रदोष व्रत मार्च 2026: जानें त्रयोदशी तिथि, पूजा मुहूर्त और महत्व

Som Pradosh Vrat 2026: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित अत्यंत पवित्र व्रत माना जाता है। यह व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। जब यह व्रत सोमवार के दिन पड़ता है तो इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। यही वजह है हर महीने की इस तिथि पर भगवान शिव समेत उनके पूरे परिवार की पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन जो व्यक्ति विधि-विधान से व्रत रखकर शिवजी की उपासना करता है, उसकी हर मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।

सोम प्रदोष व्रत पूजा का शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5 बजकर 10 मिनट से 5 बजकर 58 मिनट तक

सुबह पूजा का शुभ समय: सुबह 5 बजकर 34 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक

प्रदोष काल पूजा समय: शाम 6 बजकर 37 मिनट से रात 8 बजकर 44 मिनट तक

सोम प्रदोष व्रत महत्व

सनातन धर्म के ग्रंथों में प्रदोष काल को शिव भक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक समय बताया गया है। इसलिए इस दिन व्रत रखने से भोलेनाथ की कृपा बरसती है। साथ ही जिन लोगों को संतान का सुख प्राप्त नहीं हो रहा हो उनको संतान का सुख प्राप्ति के योग बनते हैं। साथ ही सुख- समृद्धि की प्राप्ति होती है। दांपत्य जीवन खुशहाल रहता है।

वहीं जिन लोगों की कुंडली में चंद्र दोष है, वो लोग इस दिन व्रत रखकर भोलेनाथ की पूजा करें। साथ ही सफेद चीज, दूध और दही का दान करें। ऐसा करने से उनको चंद्र दोष से मुक्ति मिल सकती है। वहीं प्रदोष काल में पूजा करने से अच्छा स्वास्थ्य और लंबी आयु के योग बनते हैं।

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