Vastu Tips For Plants: घर के आसपास पेड़-पौधे लगाते समय रखें दिशा का ध्यान, इन जगहों पर भूलकर भी न लगाएं
Vastu Tips For Plants: वास्तु शास्त्र में घर के आसपास पेड़-पौधे लगाने की दिशा को महत्वपूर्ण माना गया है। जानें नीम, पीपल, बरगद, गुलर, पाकर और फूलों के पौधे किस दिशा में लगाने चाहिए और किन जगहों से बचना चाहिए।
Vastu Tips For Plants: घर के आसपास पेड़-पौधे लगाते समय रखें दिशा का ध्यान, इन जगहों पर भूलकर भी न लगाएं
घर को सुंदर और हरा-भरा बनाने के लिए लोग अलग-अलग तरह के पेड़-पौधे लगाते हैं। पौधे वातावरण को खूबसूरत बनाने के साथ प्रकृति के करीब रहने का एहसास भी कराते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र में घर के आसपास पेड़-पौधे लगाने की दिशा को लेकर कुछ खास नियम बताए गए हैं।
वास्तु चिंतामणि के वृक्ष प्रकरण में अलग-अलग पेड़ों को अलग दिशाओं में लगाने से जुड़ी मान्यताओं का उल्लेख मिलता है। इसके अनुसार कुछ पेड़ों को घर के पास लगाने से बचने की सलाह दी गई है, जबकि कुछ पेड़ों के लिए विशेष दिशाओं को शुभ माना गया है।
घर के आसपास कैसे पेड़ नहीं लगाने चाहिए?
वास्तु की मान्यताओं के अनुसार घर के आसपास पेड़ लगाते समय उनकी प्रकृति और दिशा का ध्यान रखना चाहिए। खासतौर पर कांटेदार पेड़, दूध वाले पेड़ और कुछ बड़े फलदार वृक्षों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मान्यता है कि घर के बहुत पास कांटेदार पेड़ होने से नकारात्मकता बढ़ सकती है। इसी तरह दूध वाले पेड़ों को आर्थिक परेशानियों से जोड़कर देखा गया है।
घर के अंदर बड़े फलदार पेड़ लगाने से भी वास्तु में बचने की सलाह दी जाती है।
नीम का पेड़ किस दिशा में लगाएं?
नीम का पेड़ औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है, लेकिन वास्तु परंपरा में इसके स्थान को लेकर भी कुछ नियम बताए गए हैं।
वास्तु चिंतामणि के अनुसार घर के मुख्य द्वार के ठीक मध्य में नीम या इसी तरह का पेड़ नहीं होना चाहिए। मान्यता के अनुसार ऐसी स्थिति घर के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती।
इसलिए यदि घर के प्रवेश द्वार के आसपास पेड़ लगा रहे हैं, तो उसकी स्थिति और दूरी का ध्यान रखना चाहिए।
पीपल का पेड़ किस दिशा में लगाना शुभ माना जाता है?
पीपल का पेड़ हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व रखता है। हालांकि इसे घर के बिल्कुल पास लगाने के बजाय उचित स्थान पर लगाने की सलाह दी जाती है।
वास्तु की मान्यता के अनुसार पीपल का पेड़ पश्चिम या दक्षिण दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। वहीं गलत दिशा में पीपल लगाने से नकारात्मक प्रभाव होने की बात कही गई है।
धार्मिक दृष्टि से पीपल का संबंध देवताओं और आध्यात्मिक परंपराओं से भी जोड़ा जाता है।
बड़ का पेड़ किस दिशा में लगाएं?
बड़ यानी बरगद का पेड़ काफी विशाल आकार में फैलता है। इसलिए इसे घर के बिल्कुल पास लगाने के बजाय पर्याप्त जगह वाले स्थान पर लगाना बेहतर होता है।
वास्तु चिंतामणि के अनुसार बड़ का पेड़ पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना गया है। वहीं पश्चिम दिशा में लगाने को लेकर सावधानी बरतने की बात कही गई है।
गुलर का पेड़ किस दिशा में लगाना चाहिए?
गुलर को संस्कृत में उदुम्बर भी कहा जाता है। वास्तु की मान्यताओं के अनुसार इसे उत्तर दिशा में लगाने से बचने की सलाह दी गई है।
मान्यता है कि उत्तर दिशा में गुलर का पेड़ लगाने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। इसके लिए दक्षिण दिशा को उपयुक्त माना गया है।
फूलों के पौधे किस दिशा में लगाएं?
फूलों वाले पौधे घर की सुंदरता बढ़ाते हैं। गुलाब, चमेली, गुड़हल और दूसरे फूलदार पौधों को घर के आसपास लगाया जाता है।
वास्तु के अनुसार फूलों के पौधों को आग्नेय, दक्षिण और नैऋत्य दिशा में लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। इन दिशाओं में पौधे लगाने को पारिवारिक तनाव से जोड़कर देखा गया है।
वहीं पूर्व, उत्तर या पश्चिम दिशा में फूलों के पौधे लगाना शुभ माना जाता है।
पाकर का पेड़ किस दिशा में लगाएं?
पाकर का पेड़ लगाने को लेकर भी वास्तु में दिशा संबंधी नियम बताए गए हैं।
मान्यता के अनुसार पाकर का पेड़ दक्षिण दिशा में नहीं लगाना चाहिए। इसे दक्षिण दिशा में लगाने से पराजय या परेशानियों की स्थिति बनने की बात कही गई है।
वहीं उत्तर दिशा में पाकर का पेड़ लगाना शुभ माना गया है और इसे धन-धान्य में वृद्धि से जोड़कर देखा जाता है।
घर के पास पेड़ लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान
पेड़-पौधे लगाते समय केवल दिशा ही नहीं, बल्कि उनकी दूरी और आकार का भी ध्यान रखना चाहिए। खासतौर पर बड़े पेड़ों को घर की दीवारों और मुख्य दरवाजे से उचित दूरी पर लगाना बेहतर होता है।