घर में किस दिशा में रखें झाड़ू? वास्तु के इन नियमों का रखें ध्यान, भूलकर भी न करें ये गलतियां

Vastu Tips For Broom: घर की साफ-सफाई के लिए झाड़ू बेहद जरूरी चीज है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र में झाड़ू को रखने की दिशा और जगह को लेकर भी कई नियम बताए गए हैं? वास्तु मान्यताओं के अनुसार झाड़ू को सही दिशा में रखने से घर का वातावरण व्यवस्थित और सकारात्मक बना रहता है, जबकि गलत जगह रखने से नकारात्मक प्रभाव पड़ने की मान्यता है।

कई वास्तु परंपराओं में झाड़ू को दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखने की सलाह दी जाती है। पश्चिम दिशा को भी इसके लिए उपयुक्त माना जाता है।

किस दिशा में रखनी चाहिए झाड़ू?

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में झाड़ू रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम यानी नैऋत्य दिशा को सबसे बेहतर माना जाता है। इसके अलावा पश्चिम दिशा में भी झाड़ू रखी जा सकती है।

अगर घर में दक्षिण-पश्चिम दिशा में झाड़ू रखने की जगह नहीं है तो पश्चिम दिशा को विकल्प के तौर पर चुना जा सकता है। मान्यता है कि इन दिशाओं में झाड़ू रखने से घर की ऊर्जा पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है।

ईशान कोण में भूलकर भी न रखें झाड़ू

वास्तु के अनुसार उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण को घर की महत्वपूर्ण दिशाओं में से एक माना जाता है। इस दिशा को पूजा और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है।

इसी वजह से वास्तु मान्यताओं में ईशान कोण में झाड़ू रखने से बचने की सलाह दी जाती है।

झाड़ू को कहां नहीं रखना चाहिए?

झाड़ू की दिशा के साथ उसकी जगह का भी ध्यान रखना चाहिए। वास्तु मान्यताओं के अनुसार झाड़ू को इन जगहों पर रखने से बचना चाहिए—

पूजा घर के अंदर या उसके बिल्कुल पास

मुख्य दरवाजे के सामने

बेडरूम में

बिस्तर के नीचे

रसोई में

ऐसी खुली जगह जहां आते-जाते हर व्यक्ति की नजर उस पर पड़े

झाड़ू को ऐसी जगह रखना बेहतर माना जाता है जहां वह आसानी से दिखाई न दे और घर भी व्यवस्थित नजर आए।

झाड़ू को कैसे रखें?

झाड़ू रखने के तरीके को लेकर भी अलग-अलग वास्तु परंपराओं में नियम बताए गए हैं। कुछ परंपराओं में इसे लिटाकर और छिपाकर रखने की सलाह दी जाती है। वहीं कुछ मान्यताओं में झाड़ू को व्यवस्थित तरीके से रखने पर जोर दिया जाता है।

इसलिए सबसे जरूरी बात यह है कि झाड़ू को साफ जगह पर रखें और उसे अस्त-व्यस्त तरीके से न छोड़ें।

झाड़ू पर पैर लगाने से क्यों मना किया जाता है?

हिंदू परंपरा में झाड़ू को मां लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। इसी वजह से झाड़ू का सम्मान करने और उस पर पैर न लगाने की मान्यता है।

अगर गलती से पैर लग जाए तो कई परिवारों में झाड़ू को हाथ से छूकर क्षमा मांगने की परंपरा भी देखने को मिलती है। इसे धार्मिक आस्था और परंपरा के रूप में समझना चाहिए।

सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाना शुभ है या नहीं?

वास्तु और पारंपरिक मान्यताओं में आमतौर पर सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि शाम के समय झाड़ू लगाने से घर की समृद्धि प्रभावित हो सकती है।

हालांकि आज के समय में यह मुख्य रूप से धार्मिक और पारंपरिक विश्वास का विषय है। व्यावहारिक रूप से घर की साफ-सफाई जरूरत के अनुसार करना जरूरी है।

झाड़ू खरीदते समय भी रखें ध्यान

वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर में इस्तेमाल होने वाली झाड़ू टूटी या बहुत खराब हो जाए तो उसे बदल देना चाहिए। टूटी हुई या बेकार पड़ी झाड़ू को घर में लंबे समय तक रखने से बचने की सलाह दी जाती है।

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