Diwali Puja Vastu Tips: दिवाली पर किस दिशा में रखें लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति? जानें सही नियम
Diwali Puja Vastu Tips: दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति किस दिशा में रखनी चाहिए? जानें पूजा की चौकी की सही दिशा, मूर्ति स्थापित करने के वास्तु नियम, लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति कैसी होनी चाहिए और पूजा के दौरान किन गलतियों से बचना चाहिए।
Diwali Puja Vastu Tips: दिवाली पर किस दिशा में रखें मां लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्ति? जानें सही नियम
दिवाली का त्योहार मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के बिना अधूरा माना जाता है। इस दिन घरों में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना के साथ लक्ष्मी-गणेश पूजन किया जाता है। पूजा के दौरान दीपक जलाने, फूल चढ़ाने और भोग लगाने के साथ-साथ पूजा की चौकी और देवी-देवताओं की मूर्ति की दिशा का भी विशेष ध्यान रखा जाता है। वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, दिवाली पर मां लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्ति सही दिशा में स्थापित करना शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं दिवाली पूजन के दौरान मूर्तियां किस दिशा में रखनी चाहिए और किन वास्तु नियमों का ध्यान रखना चाहिए।
दिवाली पर किस दिशा में रखें मां लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्ति?
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा के लिए घर का उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण शुभ माना जाता है। यदि इस दिशा में पूजा की व्यवस्था करना संभव न हो, तो घर के पूर्व या उत्तर दिशा वाले साफ स्थान पर भी पूजा की जा सकती है।
मूर्तियों को साफ चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर स्थापित करें। ध्यान रखें कि मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियां सीधे जमीन पर न रखें। पूजा करते समय इस तरह बैठें कि आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर हो सके।
लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति रखते समय ध्यान रखें ये वास्तु टिप्स
1. गणेश जी को किस तरफ रखें?
दिवाली पूजन में भगवान गणेश की पूजा सबसे पहले करने की परंपरा है। प्रचलित धार्मिक परंपरा के अनुसार, मां लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्तियां साथ में रखते समय उनके स्थान का ध्यान रखा जाता है। दोनों की अलग-अलग मूर्तियां स्थापित कर रहे हैं, तो अपने परिवार की पूजा परंपरा का पालन करें। मूर्तियों का मुख पूजा करने वालों की ओर होना चाहिए।
2. पूजा की चौकी किस दिशा में रखें?
वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, पूजा की चौकी उत्तर-पूर्व, पूर्व या उत्तर दिशा में रखना शुभ माना जाता है। चौकी पर साफ कपड़ा बिछाएं और मूर्तियों को व्यवस्थित तरीके से स्थापित करें। पूजा स्थल के आसपास अनावश्यक सामान न रखें और जगह को साफ-सुथरा रखें।
3. मां लक्ष्मी की कैसी मूर्ति रखें?
दिवाली पूजन के लिए मां लक्ष्मी की बैठी हुई मुद्रा वाली मूर्ति रखना प्रचलित है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार मिट्टी, पीतल या अन्य धातु की मूर्ति स्थापित कर सकते हैं। मूर्ति साफ-सुथरी और सही अवस्था में होनी चाहिए। खंडित मूर्ति को मुख्य पूजा में स्थापित करने से बचने की परंपरा है।
4. गणेश जी की मूर्ति कैसी होनी चाहिए?
दिवाली पर भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करते समय उनकी प्रतिमा को साफ और सम्मानजनक स्थान पर रखें। मूर्ति का आकार पूजा स्थल के अनुसार चुनें। पूजा के दौरान गणेश जी को दूर्वा, फूल और मोदक या अन्य पसंदीदा प्रसाद अर्पित करने की परंपरा है।
५. पूजा स्थल को रखें साफ और व्यवस्थित
दिवाली से पहले पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। चौकी पर पुराने फूल, धूल या अनावश्यक सामान न रहने दें। पूजा के लिए फूल, अक्षत, रोली, मिठाई, फल और अन्य सामग्री पहले से तैयार रखें। स्वच्छता और श्रद्धा के साथ पूजा करना धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन के दौरान क्या न करें?
मां लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्तियों को सीधे जमीन पर न रखें।
पूजा स्थल पर गंदगी और बिखरा हुआ सामान न रहने दें।
खंडित या टूटी हुई मूर्तियों को मुख्य पूजा में स्थापित करने से बचें।
दीपक को ऐसी जगह न रखें जहां आग लगने का खतरा हो।
पूजा करते समय जल्दबाजी करने के बजाय श्रद्धा और एकाग्रता बनाए रखें।