आज का पंचांग 4 अप्रैल 2026: तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग 4 अप्रैल 2026 (शनिवार) जानें। शनि देव को समर्पित इस दिन फाल्गुन शुक्ल प्रतिपदा तिथि के साथ हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत 2083) का शुभ आरंभ हो रहा है। जानें आज का नक्षत्र, चंद्र राशि, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और अमृत काल का सही समय। इस दिन नए कार्यों की शुरुआत, पूजा-पाठ और शुभ संकल्प लेना अत्यंत फलदायी माना जाता है। पढ़ें पूरा पंचांग और जानें आज के शुभ-अशुभ समय के साथ विशेष उपाय।

Published On 2026-03-28 17:30 GMT   |   Update On 2026-03-28 17:30 GMT

आज का पंचांग 4 अप्रैल 2026: तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग – 4 अप्रैल 2026 (शनिवार)

4 अप्रैल 2026, शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह दिन कर्म, अनुशासन, धैर्य और न्याय का प्रतीक होता है। इस दिन किए गए कार्यों का फल देर से लेकिन स्थायी रूप से मिलता है।

पंचांग के अनुसार आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। प्रतिपदा तिथि को नए कार्यों की शुरुआत, योजनाओं का निर्माण और शुभ संकल्प लेने के लिए अच्छा माना जाता है।

4 अप्रैल 2026 पंचांग विवरण

दिन: शनिवार

मास: फाल्गुन (अंतिम चरण) / चैत्र मास का आरंभ

पक्ष: शुक्ल पक्ष

तिथि: प्रतिपदा

विक्रम संवत: 2083 (चैत्र से नववर्ष आरंभ)

ऋतु: वसंत ऋतु

सूर्य राशि: मीन

सूर्योदय: प्रातः लगभग 06:16 बजे

सूर्यास्त: सायं लगभग 06:48 बजे

आज का नक्षत्र और चंद्र राशि

नक्षत्र: चित्रा (प्रारंभिक समय तक), इसके बाद स्वाती

चंद्र राशि: कन्या से तुला में प्रवेश

चित्रा नक्षत्र रचनात्मकता और निर्माण का प्रतीक है, जबकि स्वाती नक्षत्र स्वतंत्रता और नई शुरुआत का संकेत देता है। यह समय नए कार्यों की योजना बनाने और आगे बढ़ने के लिए अनुकूल माना जाता है।

आज के योग और करण

योग: वज्र योग

करण: कौलव, तैतिल

वज्र योग में कार्य करते समय सावधानी रखना जरूरी होता है। इस समय जल्दबाजी से बचना और सोच-समझकर निर्णय लेना लाभकारी रहेगा।

 4 अप्रैल 2026 के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त:

दोपहर 12:00 बजे से 12:50 बजे तक

अमृत काल:

सुबह लगभग 10:15 बजे से 11:50 बजे तक

इन शुभ मुहूर्तों में नए कार्यों की शुरुआत, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ माना जाता है।

राहुकाल और अशुभ समय

राहुकाल: सुबह लगभग 09:00 बजे से 10:30 बजे तक

गुलिक काल: सुबह लगभग 06:16 बजे से 07:46 बजे तक

यमगण्ड काल: दोपहर लगभग 01:30 बजे से 03:00 बजे तक

इन समयों में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।

4 अप्रैल 2026 का धार्मिक महत्व

आज से चैत्र मास और हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत 2083) का आरंभ माना जाता है

शुक्ल प्रतिपदा को नवसंवत्सर के रूप में मनाया जाता है

यह दिन नए संकल्प, शुभ कार्यों की शुरुआत और पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ होता है

शनिवार को शनि देव की पूजा करने से कष्टों में कमी आती है

शनिवार के विशेष उपाय

आज शुभ फल प्राप्त करने के लिए —

शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करें

पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं

 “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें

गरीबों को काले तिल या उड़द दाल का दान करें

आज का दिन कैसा रहेगा

आज का दिन नई शुरुआत, योजना और सकारात्मक सोच का संकेत देता है। हालांकि कुछ कार्यों में सावधानी रखना जरूरी होगा। धैर्य और अनुशासन के साथ किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है।

4 अप्रैल 2026 का पंचांग नई शुरुआत, नववर्ष और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है। शनि देव की कृपा और शुभ संकल्प के साथ यह दिन जीवन में नई दिशा दे सकता है।

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