8 नवंबर 2026 का पंचांग: रविवार को दीपावली और नरक चतुर्दशी, जानें लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त और राहुकाल

Aaj Ka Panchang, 8 November 2026: 8 नवंबर 2026 को रविवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 11:28 बजे तक रहेगी। इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी। इस बार नरक चतुर्दशी और दीपावली का पर्व एक ही दिन पड़ रहा है। दीपावली पर माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और माता सरस्वती की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। आइए जानते हैं 8 नवंबर 2026 का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का महत्व।

8 नवंबर 2026 का पंचांग

- दिन: रविवार

- मास: कार्तिक (पूर्णिमांत), आश्विन (अमान्त)

- पक्ष: कृष्ण पक्ष

- तिथि: चतुर्दशी सुबह 11:28 बजे तक, इसके बाद अमावस्या

- नक्षत्र: स्वाती पूरे दिन और रात

- योग: आयुष्मान योग 9 नवंबर की सुबह लगभग 3:02 बजे तक

- करण: शकुनि सुबह 11:28 बजे तक

- विक्रम संवत: 2083

- शक संवत: 1948

- चंद्र राशि: तुला

- सूर्य राशि: तुला

- सूर्योदय: सुबह 6:41 बजे

- सूर्यास्त: शाम 5:40 बजे

- चंद्रोदय: सुबह लगभग 5:38 बजे

- चंद्रास्त: शाम लगभग 4:49 बजे

ये समय जयपुर के स्थानीय पंचांग के अनुसार हैं। दूसरे शहरों में समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है।

8 नवंबर 2026 के शुभ मुहूर्त

- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:57 से 5:49 बजे तक

- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक

- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:48 से 2:32 बजे तक

- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:15 से 6:03 बजे तक

- प्रदोष काल: शाम 5:40 से रात 8:16 बजे तक

- निशिता काल: रात 11:44 बजे से 9 नवंबर की सुबह 12:36 बजे तक

दीपावली 2026 लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त

8 नवंबर को दीपावली के अवसर पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व रहेगा। जयपुर में लक्ष्मी पूजा का शुभ समय इस प्रकार है:

- लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 6:03 बजे से रात 7:59 बजे तक

- प्रदोष काल: शाम 5:40 से रात 8:16 बजे तक

- वृषभ काल: शाम 6:03 से रात 7:59 बजे तक

- अमावस्या तिथि शुरू: सुबह 11:28 बजे

- अमावस्या तिथि समाप्त: 9 नवंबर की दोपहर लगभग 12:32 बजे

लक्ष्मी पूजा के लिए प्रदोष काल और वृषभ लग्न का समय विशेष माना जाता है। इसी अवधि में परिवार के साथ माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और माता सरस्वती की पूजा कर सकते हैं।

8 नवंबर 2026 को राहुकाल का समय

- राहुकाल: शाम 4:17 से 5:40 बजे तक

- यमगंड काल: दोपहर 12:10 से 1:32 बजे तक

- गुलिक काल: दोपहर 2:55 से शाम 4:17 बजे तक

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। दीपावली की लक्ष्मी पूजा के लिए निर्धारित शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें।

दीपावली पर माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा का महत्व

दीपावली हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन माता लक्ष्मी को धन और समृद्धि की देवी तथा भगवान गणेश को विघ्नहर्ता के रूप में पूजने की परंपरा है। मान्यता है कि दीपावली की रात विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-शांति और सकारात्मकता आती है।

इस दिन लोग घरों की साफ-सफाई करते हैं, रंगोली बनाते हैं और दीपक जलाकर अपने घरों को रोशन करते हैं। शाम के समय शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी-गणेश की पूजा की जाती है।

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