6 नवंबर 2026 का पंचांग: शुक्रवार को धनतेरस और शुक्र प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा विधि

Aaj Ka Panchang, 6 November 2026: 6 नवंबर 2026 को शुक्रवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि सुबह 10:31 बजे तक रहेगी, इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा। साथ ही शुक्र प्रदोष व्रत का भी विशेष महत्व रहेगा। धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। वहीं, प्रदोष व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की परंपरा है। आइए जानते हैं 6 नवंबर 2026 का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का महत्व।

6 नवंबर 2026 का पंचांग

- दिन: शुक्रवार

- मास: कार्तिक (पूर्णिमांत), आश्विन (अमान्त)

- पक्ष: कृष्ण पक्ष

- तिथि: द्वादशी सुबह 10:31 बजे तक, इसके बाद त्रयोदशी

- नक्षत्र: हस्त 7 नवंबर की सुबह 4:43 बजे तक, इसके बाद चित्रा

- योग: विष्कम्भ योग 7 नवंबर की सुबह 4:10 बजे तक, इसके बाद प्रीति योग

- करण: तैतिल सुबह 10:31 बजे तक, इसके बाद गर

- विक्रम संवत: 2083

- शक संवत: 1948

- चंद्र राशि: कन्या

- सूर्य राशि: तुला

- सूर्योदय: सुबह 6:36 बजे

- सूर्यास्त: शाम 5:32 बजे

- चंद्रोदय: 7 नवंबर की सुबह लगभग 4:38 बजे

- चंद्रास्त: दोपहर लगभग 3:34 बजे

ये समय नई दिल्ली के स्थानीय पंचांग के अनुसार हैं। अलग-अलग शहरों में समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है

6 नवंबर 2026 के शुभ मुहूर्त

- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:52 से 5:44 बजे तक

- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:42 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक

- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:53 से 2:37 बजे तक

- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:32 से 5:58 बजे तक

- अमृत काल: रात 10:31 बजे से 7 नवंबर की रात 12:10 बजे तक

- प्रदोष काल: शाम लगभग 5:32 बजे से रात 8:09 बजे तक

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ, मंत्र जाप और धार्मिक कार्य करना अच्छा माना जाता है। हालांकि, किसी विशेष मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग से मुहूर्त की पुष्टि करना उचित रहेगा।

6 नवंबर 2026 को राहुकाल का समय

- राहुकाल: सुबह 10:42 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक

- यमगंड काल: दोपहर 2:48 से शाम 4:10 बजे तक

- गुलिक काल: सुबह 7:58 से 9:20 बजे तक

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। हालांकि, नियमित पूजा-पाठ और पहले से चल रहे कार्य किए जा सकते हैं।

धनतेरस 2026 का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

6 नवंबर 2026 को धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा। यह त्योहार दीपावली के उत्सव की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन उनकी पूजा करने की परंपरा है।

धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम लगभग 6:02 बजे से रात 7:58 बजे तक।

इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा भी की जाती है। लोग अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार सोना, चांदी, बर्तन और अन्य उपयोगी वस्तुएं खरीदते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

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