आज का पंचांग 18 अप्रैल 2026: पूर्णिमा तिथि, अश्विनी नक्षत्र, राहुकाल और शुभ मुहूर्त
18 अप्रैल 2026, शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित है और इस दिन चैत्र पूर्णिमा का विशेष संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार आज शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि, अश्विनी नक्षत्र और प्रीति योग का शुभ प्रभाव रहेगा। यह दिन पूजा-पाठ, व्रत, स्नान और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। अश्विनी नक्षत्र में किए गए कार्यों में तेजी और सफलता मिलने की संभावना होती है, वहीं प्रीति योग सकारात्मक ऊर्जा और आनंद प्रदान करता है। आज के शुभ मुहूर्त जैसे अभिजीत मुहूर्त और अमृत काल में नए कार्यों की शुरुआत करना लाभकारी रहेगा, जबकि राहुकाल और अन्य अशुभ समय में सावधानी बरतनी चाहिए। इस दिन शनि देव की पूजा, सरसों के तेल का दान और “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करने से कष्टों में कमी आती है और जीवन में स्थिरता आती है। जानें 18 अप्रैल 2026 का पूरा पंचांग, शुभ-अशुभ समय और उपाय, जिससे आप अपने दिन को सफल और शुभ बना सकते हैं।
आज का पंचांग 18 अप्रैल 2026: तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और शुभ मुहूर्त
आज का पंचांग – 18 अप्रैल 2026 (शनिवार)
18 अप्रैल 2026, शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह दिन कर्म, अनुशासन, धैर्य और जिम्मेदारी का प्रतीक होता है। इस दिन किए गए कार्यों में स्थिरता और लंबे समय तक लाभ मिलने की संभावना रहती है।
पंचांग के अनुसार आज चैत्र मास के पूर्णिमा (पूर्णिमा तिथि) का दिन है। पूर्णिमा को विशेष रूप से पूजा-पाठ, व्रत, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
18 अप्रैल 2026 पंचांग विवरण
दिन: शनिवार
मास: चैत्र
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: पूर्णिमा
विक्रम संवत: 2083
ऋतु: वसंत ऋतु
सूर्य राशि: मेष
सूर्योदय: प्रातः लगभग 06:02 बजे
सूर्यास्त: सायं लगभग 07:00 बजे
आज का नक्षत्र और चंद्र राशि
नक्षत्र: अश्विनी
चंद्र राशि: मेष
अश्विनी नक्षत्र को तेज, ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए कार्यों में तेजी से सफलता मिलने की संभावना रहती है।
आज के योग और करण
योग: प्रीति योग
करण: बव, बालव
प्रीति योग को शुभ और आनंद प्रदान करने वाला योग माना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना अधिक रहती है।
18 अप्रैल 2026 के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त:
दोपहर 12:00 बजे से 12:49 बजे तक
अमृत काल:
सुबह लगभग 09:20 बजे से 10:50 बजे तक
इन मुहूर्तों में पूजा-पाठ, नए कार्यों की शुरुआत और निवेश करना लाभकारी माना जाता है।
राहुकाल और अशुभ समय
राहुकाल: सुबह लगभग 09:00 बजे से 10:30 बजे तक
गुलिक काल: सुबह लगभग 06:02 बजे से 07:30 बजे तक
यमगण्ड काल: दोपहर लगभग 01:30 बजे से 03:00 बजे तक
इन समयों में शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
18 अप्रैल 2026 का धार्मिक महत्व
चैत्र पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व है
इस दिन व्रत, स्नान और दान-पुण्य करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है
शनि देव की पूजा करने से कष्टों में कमी आती है
आध्यात्मिक साधना और ध्यान के लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है
शनिवार के विशेष उपाय
आज शुभ फल प्राप्त करने के लिए —
शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करें
पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं
“ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें
काले तिल और उड़द दाल का दान करें
आज का दिन कैसा रहेगा
आज का दिन आध्यात्मिक ऊर्जा, धैर्य और कर्म पर ध्यान देने का संकेत देता है। सही प्रयास और संयम से किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है।
18 अप्रैल 2026 का पंचांग आध्यात्मिक उन्नति, धैर्य और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है। शनि देव की कृपा से आज का दिन शुभ और फलदायी रह सकता है।