15 September 2026 Panchang: चतुर्थी तिथि के साथ जानें आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र और योग
15 September 2026 Panchang: 15 सितंबर को शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि सुबह 7:44 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी। जानें आज का पंचांग, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और गणेश पूजा से जुड़े जरूरी नियम।
15 सितंबर 2026 का पंचांग: चतुर्थी तिथि के साथ जानें आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र और योग
15 September 2026 Panchang: 15 सितंबर 2026, मंगलवार को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि सुबह 7:44 बजे तक रहेगी। इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी। आज स्वाती नक्षत्र दोपहर करीब 3:20 बजे तक रहेगा, फिर विशाखा नक्षत्र शुरू होगा। वहीं इंद्र योग दोपहर करीब 12:20 बजे तक रहेगा।
पंचांग के अनुसार आज चंद्रमा तुला राशि में रहेगा और सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेगा। 15 सितंबर का दिन गणेश चतुर्थी की तिथि के समापन से भी जुड़ा है, क्योंकि चतुर्थी तिथि 14 सितंबर की सुबह शुरू होकर 15 सितंबर की सुबह समाप्त हो रही है।
15 सितंबर 2026 का पंचांग
दिन: मंगलवार
तिथि: शुक्ल पक्ष चतुर्थी सुबह 7:44 बजे तक, इसके बाद पंचमी
नक्षत्र: स्वाती दोपहर करीब 3:20 बजे तक, फिर विशाखा
योग: इंद्र योग दोपहर करीब 12:20 बजे तक, इसके बाद वैधृति
करण: विष्टि सुबह 7:44 बजे तक, इसके बाद बव
चंद्र राशि: तुला
सूर्य राशि: सिंह
मास: भाद्रपद
पक्ष: शुक्ल पक्ष
वार: मंगलवार
सूर्योदय: सुबह करीब 6:05 बजे
सूर्यास्त: शाम करीब 6:26–6:27 बजे
चंद्रोदय: सुबह करीब 10:00 बजे
चंद्रास्त: रात करीब 8:43–8:44 बजे
15 सितंबर 2026 तिथि का महत्व
15 सितंबर को चतुर्थी तिथि सुबह 7:44 बजे तक है। हालांकि गणेश चतुर्थी का मुख्य पर्व और गणपति स्थापना 14 सितंबर को ही की गई, क्योंकि उदया तिथि के अनुसार गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मानी गई है। चतुर्थी तिथि 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे शुरू होकर 15 सितंबर सुबह 7:44 बजे समाप्त होती है।
ऐसे में जिन लोगों ने 14 सितंबर को गणपति की स्थापना की है, उनके लिए 15 सितंबर की सुबह तक चतुर्थी तिथि का धार्मिक महत्व बना रहेगा। घर में गणेश जी की पूजा, आरती और मंत्र जाप श्रद्धा के साथ किया जा सकता है।
15 सितंबर का नक्षत्र
आज स्वाती नक्षत्र दोपहर करीब 3:20–3:21 बजे तक रहेगा। इसके बाद विशाखा नक्षत्र शुरू होगा। स्वाती नक्षत्र में स्वतंत्र सोच, सीखने और नए विचारों से जुड़े कार्यों को महत्व दिया जाता है।
15 सितंबर का योग
आज इंद्र योग दोपहर करीब 12:19–12:21 बजे तक रहेगा। इसके बाद वैधृति योग शुरू होगा। पंचांग में योग को किसी भी दिन की शुभ-अशुभ स्थिति को समझने वाले पांच प्रमुख अंगों में से एक माना जाता है।
15 सितंबर 2026 का राहुकाल
मंगलवार को राहुकाल दोपहर के बाद रहेगा।
राहुकाल: दोपहर 3:21 बजे से शाम 4:54 बजे तक
इस दौरान नए और महत्वपूर्ण शुभ कार्य शुरू करने से बचने की धार्मिक मान्यता है। जरूरी काम पहले से चल रहा हो तो उसे पूरा करने में सामान्यतः बाधा नहीं मानी जाती।
अन्य अशुभ समय
यमगंड: सुबह 9:11 बजे से 10:43 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 12:16 बजे से 1:49 बजे तक
राहुकाल: दोपहर 3:21 बजे से 4:54 बजे तक
15 सितंबर 2026 के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:33 बजे से 5:19 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:41 बजे तक
अमृत काल: सुबह करीब 6:01 बजे से 7:43 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त को दिन के प्रमुख शुभ समयों में माना जाता है। हालांकि आज दोपहर के समय गुलिक काल भी पड़ रहा है, इसलिए किसी विशेष कार्य के लिए मुहूर्त तय करते समय दोनों समयों का ध्यान रखना बेहतर रहेगा।
15 सितंबर को क्या करें?
गणेश जी की पूजा और आरती करें।
गणपति को दूर्वा, लाल फूल और मोदक अर्पित करें।
'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करें।
जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या अपनी क्षमता के अनुसार दान दें।
किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करते समय राहुकाल का ध्यान रखें।
15 सितंबर को किन बातों से बचें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। साथ ही किसी महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी करने के बजाय सोच-विचार करना बेहतर रहेगा।