आज का पंचांग 16 मई 2026: तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग – 16 मई 2026 (शनिवार)

16 मई 2026, शनिवार का दिन भगवान शनि देव को समर्पित माना जाता है। यह दिन कर्म, न्याय, अनुशासन और धैर्य का प्रतीक होता है। शनिवार हमें अपने कार्यों और जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देता है। इस दिन मेहनत और संयम से किए गए कार्यों में लंबे समय तक सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना रहती है।

आज वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। यह तिथि आध्यात्मिक साधना, आत्मचिंतन और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति के लिए शुभ मानी जाती है।

पंचांग विवरण

दिन: शनिवार

मास: वैशाख

पक्ष: कृष्ण पक्ष

तिथि: त्रयोदशी

विक्रम संवत: 2083

ऋतु: वसंत ऋतु

सूर्य राशि: वृषभ

सूर्योदय: सुबह लगभग 05:34 बजे

सूर्यास्त: शाम लगभग 07:22 बजे

नक्षत्र और चंद्र राशि

नक्षत्र: भरणी

चंद्र राशि: मेष

भरणी नक्षत्र को साहस, परिवर्तन और जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में व्यक्ति अपने जीवन में बड़े निर्णय लेने और चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित होता है।

योग और करण

योग: अतिगण्ड योग

करण: वणिज, विष्टि (भद्रा)

अतिगण्ड योग में कार्य करते समय सावधानी और धैर्य रखना जरूरी माना जाता है। जल्दबाजी से बचकर कार्य करने पर सफलता मिलने की संभावना रहती है।

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त:

11:53 AM – 12:42 PM

अमृत काल:

08:10 AM – 09:45 AM

इन समयों में पूजा-पाठ, दान और महत्वपूर्ण कार्य करना शुभ माना जाता है।

अशुभ समय

राहुकाल: 09:00 AM – 10:30 AM

गुलिक काल: 06:00 AM – 07:30 AM

यमगण्ड काल: 01:30 PM – 03:00 PM

इन समयों में नए और शुभ कार्य शुरू करने से बचें।

धार्मिक महत्व

वैशाख कृष्ण त्रयोदशी का विशेष धार्मिक महत्व है

शनिवार को शनि देव की पूजा करने से कष्ट और बाधाएं कम होती हैं

यह दिन कर्म सुधार और आत्मविश्लेषण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है

दान-पुण्य और सेवा कार्य करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं

शनिवार के उपाय

आज के दिन ये उपाय करने से लाभ मिलेगा —

शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करें

“ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें

काले तिल और उड़द दाल का दान करें

जरूरतमंद लोगों की सहायता करें

आज का दिन धैर्य, जिम्मेदारी और सही दिशा में मेहनत करने का संकेत देता है। जल्दबाजी और गुस्से से बचना लाभकारी रहेगा।

16 मई 2026 का पंचांग कर्म, अनुशासन और आत्मचिंतन का संदेश देता है। शनि देव की कृपा से यह दिन आपके लिए सकारात्मक और फलदायी रह सकता है।

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