8 जुलाई 2026 का पंचांग: जानें अष्टमी तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र, योग और बुधवार के उपाय
8 जुलाई 2026 का पंचांग पढ़ें। जानें बुधवार का शुभ मुहूर्त, राहुकाल, आषाढ़ कृष्ण अष्टमी तिथि, शतभिषा व पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र, शोभन योग, करण, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय और भगवान गणेश व मां दुर्गा की पूजा के उपाय।
8 जुलाई 2026 का पंचांग (बुधवार)
पंचांग विवरण
दिन: बुधवार
तिथि: आषाढ़ कृष्ण अष्टमी
पक्ष: कृष्ण पक्ष
मास: आषाढ़
विक्रम संवत: 2083
सूर्य राशि: मिथुन
चंद्र राशि: मीन
ऋतु: वर्षा ऋतु
सूर्योदय: प्रातः 05:34 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:42 बजे
तिथि
आषाढ़ कृष्ण अष्टमी
अष्टमी तिथि देवी शक्ति की उपासना के लिए विशेष शुभ मानी जाती है। इस दिन मां दुर्गा की पूजा, व्रत, जप और दान-पुण्य करने से संकटों से मुक्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति होने की मान्यता है। आत्मबल, साहस और आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी यह तिथि महत्वपूर्ण मानी जाती है।
नक्षत्र
शतभिषा नक्षत्र (प्रारंभिक समय तक)
इसके बाद पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का आरंभ होगा।
शतभिषा नक्षत्र शोध, चिकित्सा, आध्यात्मिक चिंतन और आत्मविश्लेषण का प्रतीक माना जाता है। वहीं पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र ज्ञान, तप, आध्यात्मिक साधना और दूरदर्शिता प्रदान करने वाला माना जाता है।
योग
शोभन योग
शोभन योग को शुभ और मंगलकारी योग माना जाता है। इस योग में विवाह संबंधी चर्चा, शिक्षा, व्यापार, निवेश, धार्मिक कार्य और नई योजनाओं की शुरुआत करना लाभदायक माना जाता है।
करण
बालव करण
कौलव करण
ये दोनों करण सामान्य शुभ कार्यों, शिक्षा, व्यापार, यात्रा और धार्मिक कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं।
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 12:01 PM से 12:52 PM तक
विजय मुहूर्त: 02:44 PM से 03:40 PM तक
अमृत काल: 08:50 AM से 10:25 AM तक
अशुभ समय
राहुकाल: 12:00 PM से 01:30 PM तक
यमगण्ड काल: 07:30 AM से 09:00 AM तक
गुलिक काल: 10:30 AM से 12:00 PM तक
धार्मिक महत्व
बुधवार का दिन भगवान श्री गणेश और बुध ग्रह को समर्पित माना जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से बुद्धि, विवेक और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। अष्टमी तिथि पर मां दुर्गा की आराधना का भी विशेष महत्व है। गणेश जी को दूर्वा और मोदक अर्पित करने तथा मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करने से शुभ फल प्राप्त होने की मान्यता है।
बुधवार के उपाय
भगवान गणेश को दूर्वा, मोदक और सिंदूर अर्पित करें।
"ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें।
मां दुर्गा को लाल पुष्प अर्पित करें और दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
हरी मूंग, हरे वस्त्र या हरी सब्जियों का दान करें।
गाय को हरा चारा खिलाएं और जरूरतमंदों की सहायता करें।