7 सितंबर 2026 का पंचांग: अजा एकादशी पर जानें तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल और शुभ मुहूर्त

7 September 2026 Panchang: 7 सितंबर 2026, सोमवार को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। इस दिन अजा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। चंद्रमा मिथुन राशि में रहेगा और पुनर्वसु नक्षत्र का संयोग बनेगा। एकादशी तिथि शाम करीब 5:04 बजे तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि शुरू हो जाएगी।

7 सितंबर 2026 का पंचांग

दिन: सोमवार

तिथि: कृष्ण पक्ष एकादशी, शाम 5:04 बजे तक

अगली तिथि: कृष्ण पक्ष द्वादशी, शाम 5:04 बजे के बाद

मास: भाद्रपद

पक्ष: कृष्ण पक्ष

नक्षत्र: पुनर्वसु, शाम 6:14 बजे तक; इसके बाद पुष्य

योग: व्यतीपात, सुबह करीब 6:40 बजे तक; इसके बाद वरीयान

करण: बव, सुबह करीब 6:16 बजे तक; इसके बाद बालव

वार: सोमवार

चंद्र राशि: मिथुन

सूर्य राशि: सिंह

विक्रम संवत: 2083

शक संवत: 1948

7 सितंबर 2026 सूर्योदय और सूर्यास्त

नई दिल्ली में 7 सितंबर को सूर्योदय करीब 6:02 बजे और सूर्यास्त करीब 6:35 बजे होगा। चंद्रमा का उदय करीब 1:34 बजे रात और चंद्रास्त करीब 4:06 बजे शाम के आसपास रहेगा।

7 सितंबर 2026 के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:31 बजे से 5:16 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:53 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक

विजय मुहूर्त: सुबह 11:53 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:11 बजे से 6:59 बजे तक

प्रदोष काल: शाम 6:35 बजे से रात 8:05 बजे तक

निशिता मुहूर्त: रात 11:56 बजे से 12:42 बजे तक

7 सितंबर 2026 का राहुकाल

सोमवार को राहुकाल सुबह के समय रहेगा। नई दिल्ली में राहुकाल सुबह 7:36 बजे से 9:10 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अवधि में नए शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए।

अन्य अशुभ समय

यमगंड: सुबह 10:44 बजे से दोपहर 12:19 बजे तक

गुलिक काल: दोपहर 1:53 बजे से 3:27 बजे तक

दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:44 बजे से 1:34 बजे तक और शाम 4:05 बजे से 4:55 बजे तक

7 सितंबर को अजा एकादशी

7 सितंबर को अजा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। यह भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने की धार्मिक परंपरा है। एकादशी तिथि 6 सितंबर की शाम करीब 7:29 बजे शुरू होकर 7 सितंबर की शाम करीब 5:04 बजे समाप्त होगी।

अजा एकादशी पर क्या करें?

सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु की पूजा करें। उन्हें पीले फूल, फल और तुलसी दल अर्पित करें। भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें और अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन या वस्त्र का दान करें। व्रत रखने वाले लोग अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार फलाहार या उपवास कर सकते हैं।

7 सितंबर को क्या न करें?

राहुकाल के दौरान शुभ कार्य शुरू करने से बचें। एकादशी व्रत रखने वाले श्रद्धालु अन्न और अनाज का सेवन न करने की परंपरा का पालन करते हैं। हालांकि, व्रत के नियम अलग-अलग परंपराओं में अलग हो सकते हैं।

7 सितंबर 2026 का धार्मिक महत्व

7 सितंबर का दिन अजा एकादशी के कारण धार्मिक रूप से विशेष है। मान्यता है कि एकादशी के दिन भगवान विष्णु की आराधना और व्रत करने से आध्यात्मिक लाभ मिलता है। अजा एकादशी को लेकर धार्मिक ग्रंथों में भी व्रत की महिमा बताई गई है।

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