5 September 2026 Panchang: जानें तिथि, नक्षत्र, योग, करण, Rahukaal और शुभ Muhurat
5 September 2026 Panchang: शनिवार के दिन भाद्रपद कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रहेगी। जानें आज का Panchang, Tithi, Nakshatra, Yog, Karan, Rahukaal, Yamagand, Abhijit Muhurat और शुभ समय।
5 सितंबर 2026 का पंचांग: जानें तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल और शुभ मुहूर्त
5 September 2026 Panchang: 5 सितंबर 2026, शनिवार को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रहेगी। इस दिन चंद्रमा वृषभ राशि में रहेगा और मृगशिरा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। नवमी तिथि रात करीब 9:54 बजे तक रहेगी, इसके बाद दशमी तिथि शुरू होगी। वहीं मृगशिरा नक्षत्र रात करीब 9:31 बजे तक रहेगा, इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र शुरू होगा।
5 सितंबर 2026 का पंचांग
दिन: शनिवार
तिथि: कृष्ण पक्ष नवमी, रात 9:54 बजे तक; इसके बाद दशमी
पक्ष: कृष्ण पक्ष
मास: भाद्रपद
नक्षत्र: मृगशिरा, रात 9:31 बजे तक; इसके बाद आर्द्रा
योग: वज्र, दोपहर 12:47 बजे तक; इसके बाद सिद्धि
करण: तैतिल, सुबह 11:04-11:05 बजे तक; इसके बाद गर
चंद्र राशि: वृषभ
सूर्य राशि: सिंह
वार: शनिवार
संवत: विक्रम संवत 2083, सिद्धार्थी
5 सितंबर 2026 का राहुकाल
शनिवार को राहुकाल सुबह 9:10 बजे से 10:45 बजे तक रहेगा। इस दौरान शुभ कार्य या किसी नए महत्वपूर्ण काम की शुरुआत करने से बचने की धार्मिक मान्यता है।
राहुकाल: 9:10 AM – 10:45 AM
यमगंड: 1:54 PM – 3:29 PM
गुलिक काल: 6:01 AM – 7:35/36 AM
शुभ मुहूर्त
5 सितंबर को महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:54 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा। वहीं ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:30 बजे से 5:16 बजे तक रहेगा।
अभिजीत मुहूर्त: 11:54 AM – 12:45 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 4:30 AM – 5:16 AM
विजय मुहूर्त: 2:26 PM – 3:16 PM
अमृत काल: करीब 1:18 PM – 2:47 PM
गोधूलि मुहूर्त: 6:36 PM – 7:01 PM
निशिता मुहूर्त: 11:57 PM – 12:43 AM
5 सितंबर को क्या है खास?
5 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की नवमी है। इस दिन श्री गोगा नवमी और कुछ पंचांगों में अन्य क्षेत्रीय धार्मिक पर्वों का उल्लेख मिलता है। शनिवार होने के कारण भगवान शनि की पूजा और दान-पुण्य करना भी शुभ माना जाता है।
शनिवार को क्या करें?
शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा करना, सरसों के तेल का दीपक जलाना, काले तिल या उड़द का दान करना और जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना शुभ माना जाता है। पीपल के पेड़ के नीचे भी दीपक जलाया जा सकता है।
5 सितंबर का पंचांग क्यों महत्वपूर्ण है?
पंचांग में तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण को प्रमुख पांच अंग माना जाता है। इन्हीं के आधार पर शुभ और अशुभ समय तथा धार्मिक कार्यों के लिए मुहूर्त देखा जाता है। 5 सितंबर को नवमी, मृगशिरा नक्षत्र और वज्र योग का संयोग बन रहा है।