7 जुलाई 2026 का पंचांग: मंगलवार का शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि, नक्षत्र, योग और सूर्योदय-सूर्यास्त समय
7 जुलाई 2026, मंगलवार का पंचांग पढ़ें। जानें आषाढ़ कृष्ण सप्तमी तिथि, धनिष्ठा व शतभिषा नक्षत्र, सौभाग्य योग, भद्रा काल, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय और हनुमान जी की पूजा के शुभ उपाय।
7 जुलाई 2026 का पंचांग (मंगलवार)
पंचांग विवरण
दिन: मंगलवार
तिथि: आषाढ़ कृष्ण सप्तमी
पक्ष: कृष्ण पक्ष
मास: आषाढ़
विक्रम संवत: 2083
सूर्य राशि: मिथुन
चंद्र राशि: कुंभ
ऋतु: वर्षा ऋतु
सूर्योदय: प्रातः 05:33 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:42 बजे
तिथि
आषाढ़ कृष्ण सप्तमी
कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि आत्मबल, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति के लिए शुभ मानी जाती है। इस दिन भगवान सूर्य, भगवान शिव और हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक कार्य, दान-पुण्य और जप-तप करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
नक्षत्र
धनिष्ठा नक्षत्र (अधिकांश समय)
इसके बाद शतभिषा नक्षत्र का आरंभ होगा।
धनिष्ठा नक्षत्र धन, प्रतिष्ठा और सफलता का प्रतीक माना जाता है, जबकि शतभिषा नक्षत्र शोध, चिकित्सा, आध्यात्मिक साधना और आत्मचिंतन के लिए शुभ माना जाता है।
योग
सौभाग्य योग
सौभाग्य योग को अत्यंत शुभ योगों में गिना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता, पारिवारिक सुख, आर्थिक लाभ और मान-सम्मान मिलने की संभावना रहती है। नए कार्यों की शुरुआत के लिए भी यह योग अनुकूल माना जाता है।
करण
विष्टि (भद्रा) करण
बव करण
भद्रा काल में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि पूजा-पाठ, जप और आध्यात्मिक कार्य किए जा सकते हैं।
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 12:01 PM से 12:52 PM तक
विजय मुहूर्त: 02:44 PM से 03:40 PM तक
अमृत काल: 09:15 AM से 10:50 AM तक
अशुभ समय
राहुकाल: 03:00 PM से 04:30 PM तक
यमगण्ड काल: 09:00 AM से 10:30 AM तक
गुलिक काल: 12:00 PM से 01:30 PM तक
धार्मिक महत्व
मंगलवार का दिन भगवान हनुमान और मंगल देव को समर्पित माना जाता है। इस दिन हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करना शुभ माना जाता है। आषाढ़ कृष्ण सप्तमी के दिन भगवान शिव की पूजा, सूर्य देव को अर्घ्य और जरूरतमंदों को लाल वस्तुओं का दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
मंगलवार के उपाय
प्रातःकाल सूर्य देव को जल अर्पित करें।
हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें।
हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करें।
"ॐ हनुमते नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें।
मसूर की दाल, गुड़ या लाल वस्त्र का दान करें।
बंदरों को गुड़ और चने खिलाएं।