5 जुलाई 2026 का पंचांग (रविवार)

पंचांग विवरण

दिन: रविवार

तिथि: आषाढ़ कृष्ण पंचमी

पक्ष: कृष्ण पक्ष

मास: आषाढ़

विक्रम संवत: 2083

सूर्य राशि: मिथुन

चंद्र राशि: कुंभ

ऋतु: वर्षा ऋतु

सूर्योदय: प्रातः 05:32 बजे

सूर्यास्त: सायं 07:42 बजे

तिथि

आषाढ़ कृष्ण पंचमी

कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि ज्ञान, संयम और आध्यात्मिक उन्नति के लिए शुभ मानी जाती है। इस दिन भगवान विष्णु, सूर्य देव और नाग देवता की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक कार्य, जप, तप और दान-पुण्य करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।

नक्षत्र

श्रवण नक्षत्र (प्रातः तक)

इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र का आरंभ होगा।

श्रवण नक्षत्र ज्ञान, शिक्षा और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है, जबकि धनिष्ठा नक्षत्र सफलता, समृद्धि, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक प्रतिष्ठा प्रदान करने वाला माना जाता है।

योग

प्रीति योग

प्रीति योग को अत्यंत शुभ योगों में से एक माना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता, पारिवारिक सुख, प्रेम संबंधों में मधुरता और आर्थिक लाभ मिलने की संभावना रहती है।

करण

कौलव करण

तैतिल करण

ये दोनों करण यात्रा, व्यापार, शिक्षा, निवेश और सामान्य शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं।

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: 12:00 PM से 12:52 PM तक

विजय मुहूर्त: 02:43 PM से 03:40 PM तक

अमृत काल: 09:35 AM से 11:08 AM तक

अशुभ समय

राहुकाल: 04:30 PM से 06:00 PM तक

यमगण्ड काल: 12:00 PM से 01:30 PM तक

गुलिक काल: 03:00 PM से 04:30 PM तक

धार्मिक महत्व

रविवार का दिन सूर्य देव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन प्रातःकाल तांबे के पात्र से सूर्य देव को जल अर्पित करने और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से आत्मविश्वास, स्वास्थ्य, मान-सम्मान और सफलता में वृद्धि होती है। पंचमी तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा और जरूरतमंदों को अन्न एवं वस्त्र का दान करना भी शुभ माना जाता है।

रविवार के उपाय

प्रातःकाल सूर्य देव को जल अर्पित करें।

"ॐ घृणि सूर्याय नमः" मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।

गेहूं, गुड़ या लाल वस्त्र का दान करें।

भगवान विष्णु की पूजा करें और तुलसी को जल अर्पित करें।

जरूरतमंद लोगों को भोजन और वस्त्र का दान करें।

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