5 अगस्त 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि, नक्षत्र, योग और बुधवार के उपाय

5 अगस्त 2026 का पंचांग पढ़ें। जानें श्रावण कृष्ण सप्तमी की तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय, धार्मिक महत्व और बुधवार के उपाय।

Published On 2026-08-03 17:31 GMT   |   Update On 2026-08-03 17:31 GMT

5 अगस्त 2026 का पंचांग (बुधवार)

पंचांग विवरण

दिन: बुधवार

तिथि: श्रावण कृष्ण सप्तमी

पक्ष: कृष्ण पक्ष

मास: श्रावण मास

विक्रम संवत: 2083

सूर्य राशि: कर्क

चंद्र राशि: मीन (प्रातः), इसके बाद मेष में प्रवेश

ऋतु: वर्षा ऋतु

सूर्योदय: प्रातः 05:49 बजे

सूर्यास्त: सायं 07:28 बजे

तिथि

श्रावण कृष्ण सप्तमी

सप्तमी तिथि सूर्य देव की उपासना के लिए शुभ मानी जाती है। इस दिन भगवान शिव और सूर्य देव की आराधना करने से आरोग्य, आत्मबल और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। श्रावण मास में भगवान शिव का जलाभिषेक विशेष फलदायी माना गया है।

नक्षत्र

रेवती नक्षत्र

रेवती नक्षत्र को शुभ, सौम्य और समृद्धि प्रदान करने वाला नक्षत्र माना जाता है। इस नक्षत्र में यात्रा, शिक्षा, व्यापार, धार्मिक कार्य और नए कार्यों की शुरुआत शुभ मानी जाती है।

योग

वृद्धि योग

वृद्धि योग उन्नति, धन लाभ, सफलता और नए अवसरों का प्रतीक माना जाता है। इस योग में किए गए शुभ कार्यों के अच्छे परिणाम मिलने की मान्यता है।

करण

बव करण

बालव करण

दोनों करण पूजा-पाठ, दान, शिक्षा, यात्रा, व्यापार और सामान्य शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं।

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:04 बजे से 12:56 बजे तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 02:46 बजे से 03:41 बजे तक

अमृत काल: प्रातः 09:10 बजे से 10:45 बजे तक

अशुभ समय

राहुकाल: दोपहर 12:00 बजे से 01:30 बजे तक

यमगण्ड काल: प्रातः 07:30 बजे से 09:00 बजे तक

गुलिक काल: प्रातः 10:30 बजे से 12:00 बजे तक

धार्मिक महत्व

बुधवार का दिन भगवान श्रीगणेश की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। श्रावण मास में भगवान शिव के साथ श्रीगणेश की आराधना करने से बुद्धि, विवेक, सफलता और विघ्नों से मुक्ति प्राप्त होती है। इस दिन गणेश जी को दूर्वा, मोदक और हरे रंग के पुष्प अर्पित करना शुभ माना जाता है।

बुधवार के उपाय

भगवान शिव का जल और गंगाजल से अभिषेक करें।

भगवान श्रीगणेश को दूर्वा, मोदक और हरे वस्त्र अर्पित करें।

"ॐ गं गणपतये नमः" और "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें।

हरी मूंग, हरे वस्त्र या हरी सब्जियों का दान करें।

गाय को हरा चारा खिलाएं।

जरूरतमंद लोगों की सहायता करें और क्रोध व कटु वाणी से बचें।

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