29 जून 2026 का पंचांग: सोमवार का शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चतुर्दशी तिथि, नक्षत्र, शिव पूजा का महत्व

29 जून 2026 सोमवार का पंचांग पढ़ें। जानें आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी तिथि, अनुराधा और ज्येष्ठा नक्षत्र, शुभ योग, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त, शिव पूजा का महत्व और सोमवार के विशेष उपाय।

Published On 2026-06-15 16:19 GMT   |   Update On 2026-06-15 16:19 GMT

29 जून 2026 का पंचांग (सोमवार)

पंचांग विवरण

दिन: सोमवार

तिथि: आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी

पक्ष: शुक्ल पक्ष

मास: आषाढ़

विक्रम संवत: 2083

सूर्य राशि: मिथुन

चंद्र राशि: धनु

ऋतु: वर्षा ऋतु

सूर्योदय: प्रातः 05:29 बजे

सूर्यास्त: सायं 07:42 बजे

तिथि

शुक्ल चतुर्दशी

चतुर्दशी तिथि भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन शिव पूजा, रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना जाता है। पूर्णिमा से पूर्व की यह तिथि आध्यात्मिक साधना के लिए श्रेष्ठ मानी गई है।

नक्षत्र

अनुराधा नक्षत्र (प्रातः तक)

इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र

अनुराधा नक्षत्र मित्रता, सहयोग और सफलता का प्रतीक माना जाता है, जबकि ज्येष्ठा नक्षत्र नेतृत्व, आत्मविश्वास और प्रभावशाली व्यक्तित्व से जुड़ा माना जाता है।

योग

शुभ योग

यह योग मांगलिक कार्यों, पूजा-पाठ, दान-पुण्य, शिक्षा और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल माना जाता है।

करण

गर करण

वणिज करण

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: 11:59 AM से 12:50 PM तक

विजय मुहूर्त: 02:41 PM से 03:38 PM तक

अमृत काल: 08:55 AM से 10:32 AM तक

अशुभ समय

राहुकाल: 07:30 AM से 09:00 AM तक

यमगण्ड काल: 10:30 AM से 12:00 PM तक

गुलिक काल: 01:30 PM से 03:00 PM तक

धार्मिक महत्व

सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। शुक्ल चतुर्दशी के संयोग से इस दिन शिव पूजा, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जाप और शिवलिंग पर जल अर्पित करना विशेष शुभ माना जाता है। इससे मानसिक शांति, स्वास्थ्य लाभ और जीवन की बाधाओं में कमी आती है।

सोमवार के उपाय

शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें।

"ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें।

महामृत्युंजय मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें।

सफेद वस्त्र, चावल या दूध का दान करें।

जरूरतमंद लोगों की सहायता करें।

Tags:    

Similar News