28 जून 2026 का पंचांग: जानें त्रयोदशी तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, प्रदोष व्रत और रविवार का धार्मिक महत्व
28 जून 2026, रविवार का पंचांग पढ़ें। जानें आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी तिथि, विशाखा नक्षत्र, साध्य योग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, अमृत काल, सूर्य देव और भगवान शिव की पूजा का महत्व, प्रदोष व्रत की विशेषता तथा इस दिन किए जाने वाले शुभ उपाय। पंचांग के माध्यम से दिनभर के शुभ-अशुभ समय और धार्मिक महत्व की संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें।
28 जून 2026 का पंचांग (रविवार)
पंचांग विवरण
दिन: रविवार
तिथि: आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी
पक्ष: शुक्ल पक्ष
मास: आषाढ़
विक्रम संवत: 2083
सूर्य राशि: मिथुन
चंद्र राशि: वृश्चिक
ऋतु: वर्षा ऋतु
सूर्योदय: प्रातः 05:29 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:41 बजे
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
त्रयोदशी तिथि भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस तिथि पर प्रदोष व्रत का विशेष महत्व होता है। शिव पूजा, रुद्राभिषेक और दान-पुण्य करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
नक्षत्र
विशाखा नक्षत्र
विशाखा नक्षत्र सफलता, लक्ष्य प्राप्ति, उन्नति और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
योग
साध्य योग
साध्य योग को शुभ और फलदायी योग माना जाता है। इस योग में आरंभ किए गए कार्यों में सफलता और प्रगति प्राप्त होती है।
करण
कौलव करण
तैतिल करण
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 11:59 AM से 12:50 PM तक
अमृत काल: 09:15 AM से 10:50 AM तक
विजय मुहूर्त: 02:41 PM से 03:37 PM तक
अशुभ समय
राहुकाल: 04:30 PM से 06:00 PM तक
यमगण्ड काल: 12:00 PM से 01:30 PM तक
गुलिक काल: 03:00 PM से 04:30 PM तक
धार्मिक महत्व
रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित माना जाता है। इस दिन सूर्य देव को अर्घ्य देने और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से मान-सम्मान, स्वास्थ्य और आत्मबल में वृद्धि होती है। शुक्ल त्रयोदशी होने के कारण भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व रहेगा।
रविवार के उपाय
प्रातःकाल सूर्य देव को जल अर्पित करें।
"ॐ घृणि सूर्याय नमः" मंत्र का जाप करें।
गेहूं, गुड़ या लाल वस्त्र का दान करें।
भगवान शिव का जलाभिषेक करें।
जरूरतमंद लोगों की सहायता करें।