27 जून 2026 का पंचांग: द्वादशी तिथि, सिद्ध योग, राहुकाल और आज का शुभ मुहूर्त
27 जून 2026, शनिवार का विस्तृत पंचांग पढ़ें। जानें आषाढ़ शुक्ल द्वादशी तिथि, विशाखा नक्षत्र, सिद्ध योग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, यमगण्ड काल, गुलिक काल, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय और धार्मिक महत्व। साथ ही जानें द्वादशी पर भगवान विष्णु और शनि देव की पूजा, तुलसी पूजन एवं दान-पुण्य का विशेष महत्व।
27 जून 2026 का पंचांग (शनिवार)
पंचांग विवरण
दिन: शनिवार
तिथि: आषाढ़ शुक्ल द्वादशी
पक्ष: शुक्ल पक्ष
मास: आषाढ़
विक्रम संवत: 2083
सूर्य राशि: मिथुन
चंद्र राशि: वृश्चिक
ऋतु: वर्षा ऋतु
सूर्योदय: प्रातः 05:29 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:41 बजे
तिथि
शुक्ल द्वादशी
द्वादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। इस दिन एकादशी व्रत का पारण किया जाता है। धार्मिक दृष्टि से यह तिथि अत्यंत पुण्यदायी मानी गई है।
नक्षत्र
विशाखा नक्षत्र
विशाखा नक्षत्र सफलता, लक्ष्य प्राप्ति, व्यापारिक उन्नति और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है।
योग
सिद्ध योग
सिद्ध योग सभी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है।
करण
बव करण
बालव करण
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 11:59 AM से 12:50 PM तक
विजय मुहूर्त: 02:41 PM से 03:37 PM तक
अमृत काल: 08:45 AM से 10:20 AM तक
अशुभ समय
राहुकाल: 09:00 AM से 10:30 AM तक
यमगण्ड काल: 01:30 PM से 03:00 PM तक
गुलिक काल: 06:00 AM से 07:30 AM तक
धार्मिक महत्व
शनिवार को शनि देव की पूजा का विशेष महत्व होता है। द्वादशी तिथि पर भगवान विष्णु की आराधना, तुलसी पूजन और दान-पुण्य करने से शुभ फल प्राप्त होता है। इस दिन पीपल के वृक्ष की पूजा और शनि मंत्रों का जाप भी लाभकारी माना जाता