27 जुलाई 2026 का पंचांग: द्वादशी तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, अनुराधा नक्षत्र, आयुष्मान योग और सोमवार के उपाय

27 जुलाई 2026 का पंचांग पढ़ें। जानें श्रावण शुक्ल द्वादशी तिथि, अनुराधा नक्षत्र, आयुष्मान योग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, पूजा का महत्व और सोमवार के विशेष उपाय।

Published On 2026-07-26 17:18 GMT   |   Update On 2026-07-26 17:18 GMT

27 जुलाई 2026 का पंचांग (सोमवार)

पंचांग विवरण

दिन: सोमवार

तिथि: श्रावण शुक्ल द्वादशी

पक्ष: शुक्ल पक्ष

मास: श्रावण मास

विक्रम संवत: 2083

सूर्य राशि: कर्क

चंद्र राशि: धनु

ऋतु: वर्षा ऋतु

सूर्योदय: प्रातः 05:43 बजे

सूर्यास्त: सायं 07:35 बजे

तिथि

श्रावण शुक्ल द्वादशी

द्वादशी तिथि भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। एकादशी व्रत का पारण भी इसी दिन किया जाता है। श्रावण मास में भगवान शिव और भगवान विष्णु की संयुक्त आराधना करने से सुख, समृद्धि और मानसिक शांति की प्राप्ति होने की मान्यता है।

नक्षत्र

अनुराधा नक्षत्र

अनुराधा नक्षत्र मित्रता, सहयोग, सफलता और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में शिक्षा, व्यापार, यात्रा और नए कार्यों की शुरुआत शुभ मानी जाती है।

योग

आयुष्मान योग

आयुष्मान योग स्वास्थ्य, दीर्घायु, सफलता और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। इस योग में पूजा-पाठ, दान, निवेश और महत्वपूर्ण निर्णय लेना लाभकारी माना जाता है।

करण

बव करण

बालव करण

दोनों करण धार्मिक कार्यों, व्यापार, शिक्षा, यात्रा और नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माने जाते हैं।

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:04 बजे से 12:56 बजे तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 02:47 बजे से 03:43 बजे तक

अमृत काल: प्रातः 09:00 बजे से 10:35 बजे तक

अशुभ समय

राहुकाल: प्रातः 07:30 बजे से 09:00 बजे तक

यमगण्ड काल: प्रातः 10:30 बजे से 12:00 बजे तक

गुलिक काल: दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक

धार्मिक महत्व

श्रावण मास का सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस दिन शिवलिंग पर गंगाजल, दूध और बेलपत्र अर्पित करने, महामृत्युंजय मंत्र तथा "ॐ नमः शिवाय" का जाप करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। द्वादशी तिथि होने के कारण भगवान विष्णु की पूजा और एकादशी व्रत का पारण भी शुभ माना जाता है।

सोमवार के उपाय

भगवान शिव का गंगाजल, दूध और जल से अभिषेक करें।

शिवलिंग पर बेलपत्र, भांग, धतूरा और सफेद पुष्प अर्पित करें।

भगवान विष्णु को तुलसी दल और पीले पुष्प अर्पित करें।

"ॐ नमः शिवाय" तथा "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें।

जरूरतमंद लोगों को चावल, दूध, पीले वस्त्र या अन्न का दान करें।

शिव मंदिर में दीपक जलाकर परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

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