26 जून 2026 का पंचांग: देवशयनी एकादशी, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का धार्मिक महत्व

26 जून 2026, शुक्रवार का विस्तृत पंचांग पढ़ें। जानें आषाढ़ शुक्ल एकादशी (देवशयनी एकादशी) की तिथि, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय और धार्मिक महत्व। साथ ही जानें इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और दान-पुण्य का विशेष महत्व क्या है।

Published On 2026-06-14 16:19 GMT   |   Update On 2026-06-14 16:19 GMT

26 जून 2026 का पंचांग (शुक्रवार)

पंचांग विवरण

दिन: शुक्रवार

तिथि: आषाढ़ शुक्ल एकादशी

पक्ष: शुक्ल पक्ष

मास: आषाढ़

विक्रम संवत: 2083

सूर्य राशि: मिथुन

चंद्र राशि: वृश्चिक

ऋतु: वर्षा ऋतु

सूर्योदय: प्रातः 05:28 बजे

सूर्यास्त: सायं 07:41 बजे

तिथि

शुक्ल एकादशी

एकादशी तिथि भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। आषाढ़ शुक्ल एकादशी को देवशयनी एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन से चातुर्मास का प्रारंभ माना जाता है।

नक्षत्र

स्वाति नक्षत्र

स्वाति नक्षत्र स्वतंत्रता, व्यापार, शिक्षा और नए कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।

योग

शिव योग

शिव योग धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ, जप-तप और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत मंगलकारी माना जाता है।

करण

वणिज करण

विष्टि (भद्रा) करण

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: 11:59 AM से 12:49 PM तक

विजय मुहूर्त: 02:40 PM से 03:36 PM तक

अमृत काल: 10:05 AM से 11:42 AM तक

अशुभ समय

राहुकाल: 10:30 AM से 12:00 PM तक

यमगण्ड काल: 03:00 PM से 04:30 PM तक

गुलिक काल: 07:30 AM से 09:00 AM तक

धार्मिक महत्व

देवशयनी एकादशी का व्रत रखने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस दिन दान, जप, तप और विष्णु सहस्रनाम का पाठ विशेष फलदायी माना गया है।

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