26 जून 2026 का पंचांग: देवशयनी एकादशी, स्वाति नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और राहुकाल

26 जून 2026 का पंचांग पढ़ें। जानें देवशयनी एकादशी, स्वाति नक्षत्र, शिव योग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चातुर्मास आरंभ और पूजा-व्रत का महत्व।

Published On 2026-06-13 16:41 GMT   |   Update On 2026-06-13 16:41 GMT

26 जून 2026 का पंचांग (शुक्रवार)

पंचांग विवरण

दिन: शुक्रवार

तिथि: आषाढ़ शुक्ल एकादशी

पक्ष: शुक्ल पक्ष

मास: आषाढ़

विक्रम संवत: 2083

सूर्य राशि: मिथुन

चंद्र राशि: तुला

ऋतु: वर्षा ऋतु

सूर्योदय: प्रातः 05:28 बजे

सूर्यास्त: सायं 07:41 बजे

तिथि

शुक्ल एकादशी (देवशयनी एकादशी)

यह वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन से भगवान विष्णु चार माह के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास का आरंभ होता है। व्रत, पूजा और दान का विशेष महत्व है।

नक्षत्र

स्वाति नक्षत्र

स्वाति नक्षत्र स्वतंत्रता, प्रगति, व्यापार और नई संभावनाओं का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए कार्यों में सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

योग

शिव योग

शिव योग अत्यंत शुभ माना जाता है। इस योग में पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और नए कार्यों की शुरुआत लाभदायक रहती है।

करण

वणिज करण

विष्टि (भद्रा) करण

भद्रा काल में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों से बचना चाहिए।

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

11:59 AM – 12:49 PM

विजय मुहूर्त

02:40 PM – 03:36 PM

अमृत काल

10:05 AM – 11:42 AM

अशुभ समय

राहुकाल

10:30 AM – 12:00 PM

यमगण्ड काल

03:00 PM – 04:30 PM

गुलिक काल

07:30 AM – 09:00 AM

धार्मिक महत्व

आज देवशयनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा।

भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है।

चातुर्मास का आरंभ माना जाता है।

व्रत, जप, तप और दान से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है।

शुक्रवार के उपाय

भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें।

"ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें।

गरीबों को भोजन और वस्त्र दान करें।

माता लक्ष्मी की पूजा कर घी का दीपक जलाएं।

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