25 जून 2026 का पंचांग (गुरुवार)

पंचांग विवरण

दिन: गुरुवार

तिथि: आषाढ़ शुक्ल दशमी

पक्ष: शुक्ल पक्ष

मास: आषाढ़

विक्रम संवत: 2083

सूर्य राशि: मिथुन

चंद्र राशि: तुला

ऋतु: वर्षा ऋतु

सूर्योदय: प्रातः 05:28 बजे

सूर्यास्त: सायं 07:41 बजे

तिथि

शुक्ल दशमी

दशमी तिथि को धर्म-कर्म, पूजा-पाठ, यात्रा, नए कार्यों की शुरुआत और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। यह तिथि सफलता और उन्नति का प्रतीक मानी जाती है।

नक्षत्र

चित्रा नक्षत्र

चित्रा नक्षत्र रचनात्मकता, कला, सौंदर्य और निर्माण कार्यों का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में नई योजनाओं की शुरुआत शुभ मानी जाती है।

योग

परिघ योग

इस योग में महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लेने चाहिए। धैर्य और विवेक से कार्य करने पर लाभ प्राप्त हो सकता है।

करण

तैतिल करण

गर करण

ये दोनों करण व्यापार, निवेश, शिक्षा और यात्रा के लिए शुभ माने जाते हैं।

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

11:58 AM – 12:49 PM

विजय मुहूर्त

02:40 PM – 03:36 PM

अमृत काल

09:20 AM – 10:58 AM

अशुभ समय

राहुकाल

01:30 PM – 03:00 PM

यमगण्ड काल

06:00 AM – 07:30 AM

गुलिक काल

09:00 AM – 10:30 AM

धार्मिक महत्व

गुरुवार को भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।

पीले वस्त्र धारण करना और केले के वृक्ष की पूजा करना शुभ माना जाता है।

विद्यार्थियों और ज्ञान प्राप्ति के इच्छुक लोगों के लिए यह दिन विशेष लाभकारी है।

गुरुवार के उपाय

"ॐ बृं बृहस्पतये नमः" मंत्र का जाप करें।

पीली दाल, हल्दी या केले का दान करें।

भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें।

गुरुजनों का सम्मान करें।

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