24 जुलाई 2026 का पंचांग: शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि और आज का पंचांग

24 जुलाई 2026 का पंचांग पढ़ें। जानें श्रावण शुक्ल नवमी, चित्रा नक्षत्र, इंद्र योग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय, सूर्यास्त और धार्मिक महत्व।

Published On 2026-07-21 17:52 GMT   |   Update On 2026-07-21 17:52 GMT

24 जुलाई 2026 का पंचांग (शुक्रवार)

पंचांग विवरण

दिन: शुक्रवार

तिथि: श्रावण शुक्ल नवमी

पक्ष: शुक्ल पक्ष

मास: श्रावण मास

विक्रम संवत: 2083

सूर्य राशि: कर्क

चंद्र राशि: वृश्चिक

ऋतु: वर्षा ऋतु

सूर्योदय: प्रातः 05:42 बजे

सूर्यास्त: सायं 07:37 बजे

तिथि

श्रावण शुक्ल नवमी

नवमी तिथि देवी दुर्गा की आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन शक्ति की उपासना, धार्मिक अनुष्ठान, व्रत और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। श्रावण मास में भगवान शिव और माता दुर्गा की पूजा से सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति होने की मान्यता है।

नक्षत्र

चित्रा नक्षत्र

चित्रा नक्षत्र रचनात्मकता, सफलता, कला, निर्माण कार्य और नई योजनाओं के लिए शुभ माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए कार्यों में प्रगति और सम्मान मिलने की संभावना रहती है।

योग

इंद्र योग

इंद्र योग सफलता, सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और आर्थिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है। इस योग में किए गए शुभ कार्य विशेष फलदायी माने जाते हैं।

करण

कौलव करण

तैतिल करण

दोनों करण व्यापार, यात्रा, शिक्षा, निवेश और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं।

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:03 बजे से 12:55 बजे तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 02:46 बजे से 03:42 बजे तक

अमृत काल: प्रातः 08:55 बजे से 10:30 बजे तक

अशुभ समय

राहुकाल: प्रातः 10:30 बजे से 12:00 बजे तक

यमगण्ड काल: दोपहर 03:00 बजे से 04:30 बजे तक

गुलिक काल: प्रातः 07:30 बजे से 09:00 बजे तक

धार्मिक महत्व

शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी की पूजा के लिए विशेष शुभ माना जाता है। श्रावण मास में भगवान शिव के साथ माता लक्ष्मी की आराधना करने से धन, वैभव और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन माता लक्ष्मी को कमल का पुष्प, खीर और सफेद मिठाई अर्पित करना शुभ माना जाता है।

शुक्रवार के उपाय

भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करें।

माता लक्ष्मी को कमल का पुष्प और खीर अर्पित करें।

"ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" मंत्र का जाप करें।

सफेद वस्त्र, चावल और दूध का दान करें।

जरूरतमंदों को भोजन कराएं और कन्याओं का आशीर्वाद लें।

Tags:    

Similar News