23 जुलाई 2026 का पंचांग: शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि और आज का पंचांग
23 जुलाई 2026 का पंचांग पढ़ें। जानें श्रावण शुक्ल अष्टमी, हस्त नक्षत्र, ब्रह्म योग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय, सूर्यास्त और धार्मिक महत्व।
23 जुलाई 2026 का पंचांग (गुरुवार)
पंचांग विवरण
दिन: गुरुवार
तिथि: श्रावण शुक्ल अष्टमी
पक्ष: शुक्ल पक्ष
मास: श्रावण मास
विक्रम संवत: 2083
सूर्य राशि: कर्क
चंद्र राशि: तुला
ऋतु: वर्षा ऋतु
सूर्योदय: प्रातः 05:41 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:37 बजे
तिथि
श्रावण शुक्ल अष्टमी
अष्टमी तिथि देवी दुर्गा की आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन पूजा-पाठ, आध्यात्मिक साधना, व्रत, दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व होता है। श्रावण मास में भगवान शिव के साथ माता दुर्गा की उपासना करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
नक्षत्र
हस्त नक्षत्र
हस्त नक्षत्र कौशल, बुद्धिमत्ता, सफलता और नए कार्यों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में व्यापार, शिक्षा, यात्रा और मांगलिक कार्य करना शुभ माना जाता है।
योग
ब्रह्म योग
ब्रह्म योग ज्ञान, शिक्षा, आध्यात्मिक उन्नति और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता और शुभ फल प्राप्त होने की संभावना रहती है।
करण
बव करण
बालव करण
दोनों करण धार्मिक कार्यों, व्यापार, शिक्षा, यात्रा और नए कार्यों के लिए शुभ माने जाते हैं।
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:03 बजे से 12:55 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:46 बजे से 03:42 बजे तक
अमृत काल: प्रातः 09:15 बजे से 10:50 बजे तक
अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक
यमगण्ड काल: प्रातः 06:00 बजे से 07:30 बजे तक
गुलिक काल: प्रातः 09:00 बजे से 10:30 बजे तक
धार्मिक महत्व
गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा का विशेष महत्व है। श्रावण मास में भगवान शिव का जलाभिषेक करने के साथ भगवान विष्णु को पीले पुष्प और चने की दाल अर्पित करना शुभ माना जाता है। "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" और "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना गया है।
गुरुवार के उपाय
भगवान शिव का जलाभिषेक करें।
भगवान विष्णु को पीले पुष्प और चने की दाल अर्पित करें।
पीले वस्त्र पहनें और केले के वृक्ष की पूजा करें।
जरूरतमंदों को पीली दाल, हल्दी और पीले वस्त्र का दान करें।
विष्णु सहस्रनाम या गुरु स्तोत्र का पाठ करें।
23 जुलाई 2026 का दिन श्रावण शुक्ल अष्टमी और ब्रह्म योग के कारण धार्मिक कार्यों, शिक्षा, व्यापार, निवेश और नई योजनाओं की शुरुआत के लिए शुभ रहेगा। भगवान शिव और श्रीहरि विष्णु की आराधना से सुख, समृद्धि, ज्ञान और सफलता प्राप्त होने की मान्यता है।