22 August 2025 Ka Panchang:  आज शुक्रवार ,चतुर्दशी तिथि 11:56 AM तक उपरांत अमावस्या , नक्षत्र आश्लेषा 12:16 AM तक उपरांत मघा , वरीयान योग 02:35 PM तक, उसके बाद परिघ योग , करण शकुनि 11:56 AM तक, बाद चतुष्पद 11:42 PM तक, बाद नाग,पंचांग का ज्योतिष शास्त्र में बहुत महत्व है ।

आज शुक्रवार भाद्रपद कृष्ण पक्ष नवमी सूर्य सिंह राशि पर है, और सूर्य उदय नक्षत्र आश्लेषा 12:16 AM तक उपरांत मघा चन्द्रमा 12:16 AM तक चन्द्रमा कर्क उपरांत सिंह राशि पर संचार करेगा । पंचांग में तिथि की गणना सूर्योदय के आधार पर की है और सूर्योदय के समय से ३० मिनट पहले या ३० मिनट के बाद में जो तिथि उदय होती है वही तिथि पुरे दिन के लिए मान्य होती है,

आज सूर्योदय- सूर्यास्त का समय

सूर्योदय - 6:09 AM

सूर्यास्त - 6:49 PM

आज चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय)

चन्द्रोदय - Aug 22 4:57 AM

चन्द्रास्त - Aug 22 6:28 PM

सूर्य - सिंह पर है

चन्द्रमा-  12:16 AM तक कर्क राशि उपरांत सिंह राशि पर संचार करेगा

त्यौहार और व्रत

शुक्रवार

आज का शुभ मुहूर्त -अभिजीत मुहूर्त - 12:04 PM – 12:55 पं,अमृत काल - 10:39 PM – 12:16 AMब्रह्म मुहूर्त - 04:33 AM – 05:21 AM

आज का अशुभ समय-राहू - 10:54 AM – 12:29 PMयम गण्ड - 3:39 PM – 5:14 PMकुलिक - 7:44 AM – 9:19 AMदुर्मुहूर्त - 08:41 AM – 09:32 AM, 12:55 PM – 01:45 PMवर्ज्यम् - 01:00 PM – 02:37 PM


ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अर्थ पाँच अंगों से मिलकर बना है। ये पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन्हीं पाँचों अंगों के संयोग से पंचांग बनता है। किसी भी शुभ मुहूर्त के लिए इन पाँचों अंगों को ध्यान में रखा जाता है। इनके आधार पर ही ज्योतिषी गणना करते हैं और फिर व्यक्ति के जन्म कुंडली के अनुसार स्थिर और चलित शुभ मुहूर्त निर्धारित किए जाते हैं।पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। इसकी मदद से हम दिन के हर बेला के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं।

आज का पंचांग

आज का पंचांग हमारे दैनिक रोजमर्रा के कामों के लिये काफी मददगार हो सकता है। हमें पता रहता है कि आज हमारे लिये कौनसा समय महत्वपूर्ण कार्यों को करने या निर्णयों को लेने के लिये शुभ परिणाम देने वाला रहेगा। इस प्रकार पंचांग की मदद से हम अपने दिन की एक बेहतर योजना बना सकते हैं। यदि पंचांग के अनुसार आज के लिये हमारे ग्रहों की दशा व दिशा शुभ संकेत नहीं कर रही है तो हम अपने कार्यों को थोड़े समय के लिये होल्ड कर सकते हैं या फिर आवश्यक कार्य बिना किसी लापरवाही के सावधानी के साथ निपटा सकते हैं। कुल मिलाकर समय के अनुसार हम सतर्क रह सकते हैं। तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण दैनिक पंचांग के मुख्य पांच अंग होते हैं।

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