21 November 2025 Panchang: 21 नवंबर 2025 का पंचांग: शुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र और करण

21 नवंबर 2025, शुक्रवार, उज्जैन के लिए आज का पंचांग जानें। यह आर्टिकल आपको दिन की शुरुआत सही समय पर करने, पूजा‑पाठ और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए मार्गदर्शन देगा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सूर्योदय: 6:48 AM

सूर्यास्त: 5:36 PM

चंद्रोदय: 7:35 AM

चंद्रास्त: 6:16 PM

सुबह जल्दी उठकर दिन की शुरुआत करना शुभ माना जाता है।

पंचांग विवरण

आयन: दक्षिणायण

ऋतु: हेमंत (प्रारम्भ‑शीत)

विक्रम संवत: 2082

शके संवत: 1947

पूर्णिमांत माह: मार्गशीर्ष

आमांत माह: मार्गशीर्ष

तिथि, नक्षत्र, योग और करण

तिथि:

शुक्ल‑पक्ष प्रतिपदा: 20 नवंबर 12:17 PM से 21 नवंबर 02:47 PM

शुक्ल‑पक्ष द्वितीया: 21 नवंबर 02:47 PM से 22 नवंबर 05:11 PM

नक्षत्र:

अनुराधा: 20 नवंबर 10:58 AM से 21 नवंबर 01:55 PM

ज्येष्ठा: 21 नवंबर 01:55 PM से 22 नवंबर 04:46 PM

करण:

बव: 21 नवंबर 01:33 AM से 21 नवंबर 02:47 PM

बालव: 21 नवंबर 02:47 PM से 22 नवंबर 04:00 AM

कौलव: 22 नवंबर 04:00 AM से 22 नवंबर 05:11 PM

योग:

अतिगण्ड: 20 नवंबर 09:52 AM से 21 नवंबर 10:43 AM

सुकर्मा: 21 नवंबर 10:43 AM से 22 नवंबर 11:29 AM

नक्षत्र और तिथि के अनुसार दिन आध्यात्मिक कार्य, पूजा और व्रत के लिए उत्तम है।

शुभ और अशुभ समय

समय विवरण

05:13 AM – 06:01 AM ब्रह्म मुहूर्त – ध्यान, साधना के लिए उत्तम

10:51 AM – 12:12 PM राहु काल – नए कार्य के लिए अनुकूल नहीं

2:54 PM – 4:15 PM यमगण्ड काल – नए काम टालें

8:09 AM – 9:30 AM गुलिक काल – शुभ कार्य के लिए नहीं

08:58 AM – 09:41 AM, 12:34 PM – 01:17 PM दुर्मुहूर्त – महत्वपूर्ण कार्य टालें

08:11 PM – 09:58 PM वर्ज्यम् – पूजा/नए कार्य टालें

11:51 AM – 12:34 PM अभिजीत मुहूर्त – शुभ कार्य के लिए अच्छा समय

इस दिन का सबसे शुभ समय: ब्रह्म मुहूर्त और अभिजीत मुहूर्त

राशि और चंद्र राशि

सूर्य राशि: वृश्चिक

चंद्र राशि: वृश्चिक

सूर्य और चंद्र की स्थिति दिनभर आपके मनोबल और ऊर्जा को प्रभावित करेगी।

 विशेष महत्व

आज का दिन शुक्ल प्रतिपदा और द्वितीया होने के कारण पूजा, ध्यान और पुण्य कार्यों के लिए उत्तम है।

ब्रह्म मुहूर्त और अभिजीत मुहूर्त में किए गए कार्य विशेष फलदायक माने जाते हैं।

धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए यह दिन अनुकूल है।

21 नवंबर 2025 का दिन पंचांग और शुभ मुहूर्त के अनुसार पूजा, साधना, ध्यान और नए कार्य शुरू करने के लिए उत्तम है।

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