21 जून 2026 पंचांग: आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल, मघा नक्षत्र, वज्र योग और सूर्य पूजा का महत्व
Aaj Ka Panchang 21 June 2026: जानें रविवार का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त समय, सूर्य पूजा उपाय और धार्मिक महत्व।
आज का पंचांग – 21 जून 2026 (रविवार)
21 जून 2026 पंचांग
21 जून 2026, रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित है। सूर्य देव आत्मबल, नेतृत्व क्षमता, स्वास्थ्य, मान-सम्मान और सफलता के कारक माने जाते हैं। इस दिन सूर्य उपासना करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और उन्नति प्राप्त होती है। साथ ही आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी है, इसलिए योग और ध्यान का विशेष महत्व रहेगा।
पंचांग विवरण
दिन: रविवार
मास: आषाढ़ मास
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: पंचमी
विक्रम संवत: 2083
ऋतु: वर्षा ऋतु (प्रारंभ)
सूर्य राशि: मिथुन
चंद्र राशि: सिंह
सूर्योदय: प्रातः 05:26 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:40 बजे
तिथि
शुक्ल पक्ष पंचमी
पंचमी तिथि को ज्ञान, विद्या, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है। यह तिथि सकारात्मक ऊर्जा और सफलता का प्रतीक मानी जाती है।
नक्षत्र
आश्लेषा नक्षत्र (प्रातः तक), तत्पश्चात मघा नक्षत्र
मघा नक्षत्र को प्रतिष्ठा, नेतृत्व, सम्मान और पूर्वजों के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए कार्यों में सफलता और मान-सम्मान प्राप्त होने की संभावना रहती है।
योग
वज्र योग
वज्र योग में महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लेने चाहिए। धैर्य और संयम के साथ कार्य करना लाभकारी रहेगा।
करण
बालव करण
कौलव करण
ये करण सामान्य शुभ कार्यों, यात्रा और व्यापारिक गतिविधियों के लिए अनुकूल माने जाते हैं।
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त
11:56 AM – 12:46 PM
विजय मुहूर्त
02:37 PM – 03:33 PM
अमृत काल
10:05 AM – 11:42 AM
सर्वार्थ सिद्धि योग
दिन के शुभ समय में प्रभावी
अशुभ समय
राहुकाल
04:30 PM – 06:00 PM
यमगण्ड काल
12:00 PM – 01:30 PM
गुलिक काल
03:00 PM – 04:30 PM
इन समयों में नए और मांगलिक कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
धार्मिक महत्व
रविवार को सूर्य देव को अर्घ्य देना अत्यंत शुभ माना जाता है।
पंचमी तिथि विद्या और ज्ञान प्राप्ति के लिए श्रेष्ठ मानी जाती है।
मघा नक्षत्र में पितरों का स्मरण और सम्मान करना शुभ माना जाता है।
योग, ध्यान और सूर्य नमस्कार करने से शारीरिक एवं मानसिक लाभ प्राप्त होते हैं।
रविवार के उपाय
तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल अर्पित करें।
"ॐ घृणि सूर्याय नमः" मंत्र का जाप करें।
लाल वस्त्र, गुड़ या गेहूं का दान करें।
पिता और गुरुजनों का सम्मान करें।
कम से कम 12 बार सूर्य नमस्कार करें।
आज का दिन आत्मविश्वास, स्वास्थ्य सुधार, मान-सम्मान और नई योजनाओं पर काम करने के लिए अनुकूल है। धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहेगी।