2 जुलाई 2026 का पंचांग (गुरुवार)

पंचांग विवरण

दिन: गुरुवार

तिथि: आषाढ़ कृष्ण द्वितीया

पक्ष: कृष्ण पक्ष

मास: आषाढ़

विक्रम संवत: 2083

सूर्य राशि: मिथुन

चंद्र राशि: मकर

ऋतु: वर्षा ऋतु

सूर्योदय: प्रातः 05:31 बजे

सूर्यास्त: सायं 07:42 बजे

तिथि

आषाढ़ कृष्ण द्वितीया

द्वितीया तिथि को शुभ कार्यों, यात्रा, नए संबंधों की शुरुआत और धार्मिक कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। यह तिथि सौहार्द, सहयोग और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है।

नक्षत्र

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (प्रारंभिक समय तक)

इसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का आरंभ होगा।

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र आत्मविश्वास, उत्साह और विजय का प्रतीक माना जाता है, जबकि उत्तराषाढ़ा नक्षत्र स्थिरता, नेतृत्व और दीर्घकालिक सफलता से जुड़ा हुआ है।

योग

इन्द्र योग

इन्द्र योग को शुभ और प्रभावशाली योग माना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता, सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त होने की संभावना रहती है।

करण

तैतिल करण

गर करण

ये दोनों करण व्यापार, शिक्षा, यात्रा और सामान्य शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं।

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: 12:00 PM से 12:51 PM तक

विजय मुहूर्त: 02:42 PM से 03:39 PM तक

अमृत काल: 09:05 AM से 10:40 AM तक

अशुभ समय

राहुकाल: 01:30 PM से 03:00 PM तक

यमगण्ड काल: 06:00 AM से 07:30 AM तक

गुलिक काल: 09:00 AM से 10:30 AM तक

धार्मिक महत्व

गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, विष्णु सहस्रनाम का पाठ और पीली वस्तुओं का दान करना शुभ फलदायी माना जाता है। शिक्षा, ज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है।

गुरुवार के उपाय

भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें।

"ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें।

पीली दाल, हल्दी या केले का दान करें।

गुरुजनों और बुजुर्गों का सम्मान करें।

केले के वृक्ष की पूजा करें।

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