13 अगस्त 2026 का पंचांग — गुरुवार

13 अगस्त 2026, गुरुवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा रहेगी। अमावस्या के बाद इस दिन से शुक्ल पक्ष की शुरुआत होगी। दिल्ली के पंचांग के अनुसार प्रतिपदा तिथि रात 8:41 बजे तक रहेगी, इसके बाद द्वितीया शुरू होगी।

पंचांग विवरण

दिन: गुरुवार

तिथि: श्रावण शुक्ल प्रतिपदा

पक्ष: शुक्ल पक्ष

मास: श्रावण

विक्रम संवत: 2083

नक्षत्र: आश्लेषा सुबह 6:06 बजे तक, इसके बाद मघा

योग: वरियान दोपहर 12:15 बजे तक, इसके बाद परिघ

करण: किंस्तुघ्न सुबह 9:50 बजे तक, फिर बव, इसके बाद बालव

चंद्र राशि: कर्क

सूर्य राशि: कर्क

ऋतु: वर्षा ऋतु

सूर्योदय: सुबह 5:49 बजे

सूर्यास्त: शाम 7:02 बजे

चंद्रोदय: सुबह 6:12 बजे

चंद्रास्त: शाम 7:31 बजे

तिथि का महत्व

प्रतिपदा तिथि से श्रावण शुक्ल पक्ष की शुरुआत होती है। अमावस्या के बाद चंद्रमा के बढ़ते चरण की शुरुआत होने के कारण इस दिन नई ऊर्जा और शुभ कार्यों के लिए समय को महत्वपूर्ण माना जाता है। पूजा-पाठ, दान और धार्मिक कार्य करना शुभ माना जाता है।

नक्षत्र

सुबह 6:06 बजे तक आश्लेषा नक्षत्र रहेगा। इसके बाद मघा नक्षत्र शुरू होगा। मघा नक्षत्र को पितरों, परंपरा और सम्मान से जुड़ा माना जाता है। इस दिन पूर्वजों का स्मरण और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है।

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:23 से 5:06 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:59 से दोपहर 12:52 बजे तक

धार्मिक महत्व

13 अगस्त को गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा का भी विशेष महत्व रहेगा। श्रावण मास होने से भगवान शिव की आराधना भी की जा सकती है। भगवान शिव को जल और बेलपत्र अर्पित करके ॐ नमः शिवाय का जाप करना शुभ माना जाता है।

आज के उपाय

भगवान शिव का जलाभिषेक करें और बेलपत्र अर्पित करें।

भगवान विष्णु को तुलसी दल चढ़ाएं।

पीली वस्तुओं या अन्न का दान करें।

"ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें।

जरूरतमंद लोगों की सहायता करें।

पूर्वजों का स्मरण कर दान-पुण्य करें।

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