11 अगस्त 2026 पंचांग: जानें मंगलवार की तिथि, पुष्य नक्षत्र, वज्र योग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और उपाय
11 August 2026 Panchang: जानें 11 अगस्त 2026 मंगलवार का हिंदू पंचांग। श्रावण कृष्ण त्रयोदशी, पुष्य नक्षत्र, वज्र योग, शुभ मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त और भगवान शिव व हनुमान जी की पूजा के विशेष उपाय यहां जानें।
11 अगस्त 2026 का पंचांग — मंगलवार
11 अगस्त 2026 को श्रावण कृष्ण त्रयोदशी है। मंगलवार और श्रावण मास का संयोग भगवान शिव और हनुमान जी की पूजा के लिए विशेष माना जाता है।
पंचांग विवरण
दिन: मंगलवार
तिथि: श्रावण कृष्ण त्रयोदशी
पक्ष: कृष्ण पक्ष
मास: श्रावण
विक्रम संवत: 2083
नक्षत्र: पुष्य
योग: वज्र
करण: वणिज, इसके बाद विष्टि (भद्रा)
चंद्र राशि: कर्क
सूर्य राशि: कर्क
ऋतु: वर्षा ऋतु
सूर्योदय: लगभग सुबह 5:48 बजे
सूर्यास्त: लगभग शाम 7:03 बजे
तिथि का महत्व
श्रावण कृष्ण त्रयोदशी भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष मानी जाती है। त्रयोदशी तिथि पर भगवान शिव का अभिषेक करने से सुख, शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति होने की धार्मिक मान्यता है। प्रदोष व्रत यदि प्रदोष काल में त्रयोदशी के साथ पड़े, तो उसका महत्व और बढ़ जाता है।
नक्षत्र
पुष्य नक्षत्र को अत्यंत शुभ नक्षत्रों में से एक माना जाता है। यह नक्षत्र ज्ञान, समृद्धि, धार्मिक कार्य और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है। इस दिन पूजा-पाठ, दान और आध्यात्मिक साधना करना शुभ माना जाता है।
योग
वज्र योग में महत्वपूर्ण कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि पूजा-पाठ, मंत्र जाप और धार्मिक कार्यों के लिए दिन का उपयोग किया जा सकता है।
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: लगभग दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक
विजय मुहूर्त: लगभग दोपहर 2:44 बजे से 3:39 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: लगभग सुबह 4:20 बजे से 5:05 बजे तक
राहुकाल
राहुकाल: लगभग दोपहर 3:00 बजे से 4:30 बजे तक
धार्मिक महत्व
मंगलवार को भगवान हनुमान की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना और त्रयोदशी तिथि पर शिवलिंग का जलाभिषेक विशेष फलदायी माना जाता है। शाम के समय भगवान शिव की पूजा करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलने की मान्यता है।
आज के उपाय
भगवान शिव का जलाभिषेक करें और बेलपत्र अर्पित करें।
हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं।
"ॐ नमः शिवाय" और "ॐ हनुमते नमः" मंत्र का जाप करें।
हनुमान चालीसा का पाठ करें।
गुड़ और चने का दान करें।
जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं।