10 अगस्त 2026 का पंचांग — सोमवार

10 अगस्त 2026 को श्रावण कृष्ण द्वादशी है। श्रावण मास का सोमवार होने के कारण भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक का विशेष महत्व रहेगा।

पंचांग विवरण

दिन: सोमवार

तिथि: श्रावण कृष्ण द्वादशी

पक्ष: कृष्ण पक्ष

मास: श्रावण

विक्रम संवत: 2083

नक्षत्र: पुनर्वसु

योग: हर्षण

करण: तैतिल, इसके बाद गर

चंद्र राशि: मिथुन

सूर्य राशि: कर्क

ऋतु: वर्षा ऋतु

सूर्योदय: लगभग सुबह 5:47 बजे

सूर्यास्त: लगभग शाम 7:04 बजे

तिथि का महत्व

श्रावण कृष्ण द्वादशी भगवान विष्णु की आराधना के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। एकादशी के अगले दिन द्वादशी तिथि में भगवान विष्णु की पूजा और व्रत का पारण किया जाता है। श्रावण मास और सोमवार होने के कारण भगवान शिव की पूजा का महत्व भी बढ़ जाता है।

नक्षत्र

पुनर्वसु नक्षत्र को शुभ और सकारात्मक नक्षत्र माना जाता है। यह नक्षत्र नई शुरुआत, ज्ञान, धार्मिक कार्य और सकारात्मक बदलाव से जुड़ा माना जाता है। आज पूजा-पाठ, शिक्षा और भविष्य की योजनाओं पर काम करना शुभ माना जाता है।

योग

हर्षण योग आनंद, उत्साह और प्रसन्नता से जुड़ा माना जाता है। इस योग में शुभ कार्य करने से सकारात्मक परिणाम मिलने की धार्मिक मान्यता है।

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: लगभग दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक

विजय मुहूर्त: लगभग दोपहर 2:45 बजे से 3:40 बजे तक

ब्रह्म मुहूर्त: लगभग सुबह 4:20 बजे से 5:05 बजे तक

राहुकाल

राहुकाल: लगभग सुबह 7:25 बजे से 9:05 बजे तक

राहुकाल में नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की ज्योतिषीय मान्यता है।

धार्मिक महत्व

श्रावण सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करना विशेष फलदायी माना जाता है। शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और सफेद फूल अर्पित कर "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होने की मान्यता है।

आज के उपाय

भगवान शिव का जलाभिषेक करें।

शिवलिंग पर बेलपत्र और सफेद पुष्प अर्पित करें।

"ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें।

भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें।

जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न या वस्त्र का दान करें।

गाय को हरा चारा खिलाना भी शुभ माना जाता है।

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