11 सितंबर 2026 का पंचांग: जानें तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल और शुभ मुहूर्त

11 September 2026 Panchang: 11 सितंबर 2026, शुक्रवार को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि रहेगी। अमावस्या तिथि सुबह करीब 8:57 बजे तक रहेगी, इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र रहेगा और शाम से पहले साध्य योग का प्रभाव रहेगा। अमावस्या होने के कारण यह दिन पितरों के तर्पण, स्नान-दान और धार्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

11 सितंबर 2026 का पंचांग

दिन: शुक्रवार

तिथि: कृष्ण पक्ष अमावस्या, सुबह 8:57 बजे तक; इसके बाद शुक्ल पक्ष प्रतिपदा

हिंदू मास: भाद्रपद

पक्ष: कृष्ण पक्ष से शुक्ल पक्ष

नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी, दोपहर करीब 1:16 बजे तक

योग: साध्य, शाम करीब 5:01 बजे तक

करण: नाग, सुबह 8:57 बजे तक

चंद्र राशि: सिंह

सूर्य राशि: सिंह

सूर्योदय: सुबह करीब 6:04 बजे

सूर्यास्त: शाम करीब 6:31 बजे

वार: शुक्रवार

11 सितंबर 2026 का राहुकाल

शुक्रवार को राहुकाल सुबह करीब 10:44 बजे से दोपहर 12:18 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान कोई नया शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।

राहुकाल: 10:44 AM से 12:18 PM

यमगंड: दोपहर 3:23 PM से 4:56 PM के आसपास

गुलिक काल: सुबह 7:36 AM से 9:09 AM के आसपास

समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त के आधार पर है, इसलिए अन्य शहरों में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

11 सितंबर 2026 के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह करीब 4:34 बजे से 5:21 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:53 बजे से दोपहर 12:42 बजे तक

विजय मुहूर्त: दोपहर करीब 2:21 बजे से 3:10 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त: शाम करीब 6:27 बजे से 6:51 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त को सामान्य तौर पर शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन अमावस्या से जुड़े धार्मिक कार्यों में स्थानीय परंपरा और पंचांग को प्राथमिकता देना उचित है।

11 सितंबर को अमावस्या का महत्व

11 सितंबर की सुबह तक अमावस्या तिथि रहेगी। इस कारण पितरों के लिए तर्पण, दान और स्मरण जैसे धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं। अमावस्या के दिन जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या अन्य आवश्यक सामग्री का दान करने की धार्मिक मान्यता है।

इस दिन सुबह स्नान करके सूर्य देव को जल अर्पित करना और पितरों का स्मरण करना भी शुभ माना जाता है। अगर परिवार में पितृ तर्पण की परंपरा है तो विधि-विधान के अनुसार इसे किया जा सकता है।

11 सितंबर को क्या करें?

सुबह स्नान करके सूर्य देव को जल अर्पित करें।

पितरों का स्मरण कर तर्पण करें।

जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या वस्त्र का दान करें।

घर में साफ-सफाई रखें और दीपक जलाएं।

भगवान विष्णु या अपने इष्ट देव की पूजा करें।

मन की शांति के लिए मंत्र जाप और ध्यान करें।

11 सितंबर का धार्मिक महत्व

अमावस्या तिथि को सनातन धर्म में पितरों के स्मरण और दान-पुण्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से किए गए तर्पण और दान से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। हालांकि, इन मान्यताओं को धार्मिक आस्था के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

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