10 September 2026 Panchang: जानें तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल और शुभ मुहूर्त
10 September 2026 Panchang: 10 सितंबर को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 10:33 बजे तक रहेगी। जानें आज का पंचांग, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और मासिक शिवरात्रि की निशीथ पूजा का समय।
10 सितंबर 2026 का पंचांग: जानें तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल और शुभ मुहूर्त
10 September 2026 Panchang: 10 सितंबर 2026, गुरुवार को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि रहेगी। इस दिन चतुर्दशी सुबह 10:33 बजे तक रहेगी, इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी। दिन के पहले भाग में मघा नक्षत्र रहेगा और दोपहर 2:04 बजे के बाद पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा। धार्मिक दृष्टि से यह दिन मासिक शिवरात्रि के कारण विशेष माना जा रहा है।
10 सितंबर 2026 का पंचांग
दिन: गुरुवार
तिथि: कृष्ण पक्ष चतुर्दशी, सुबह 10:33 बजे तक; इसके बाद अमावस्या
हिंदू मास: भाद्रपद
पक्ष: कृष्ण पक्ष
नक्षत्र: मघा, दोपहर 2:04 बजे तक; फिर पूर्वा फाल्गुनी
योग: सिद्ध, शाम 7:17 बजे तक
करण: शकुनि, सुबह 10:33 बजे तक; फिर चतुष्पद
चंद्र राशि: सिंह
सूर्य राशि: सिंह
विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थी
सूर्योदय: सुबह 6:03 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:32 बजे
चंद्रास्त: शाम करीब 5:58 बजे
मासिक शिवरात्रि: हां
10 सितंबर का राहुकाल
गुरुवार को राहुकाल दोपहर करीब 1:51 बजे से 3:25 बजे तक माना जाएगा। इस अवधि में शुभ कार्य शुरू करने से बचने की धार्मिक मान्यता है। जरूरी काम हो तो राहुकाल से पहले या बाद का समय चुना जा सकता है।
अन्य अशुभ समय:
यमगंड: सुबह करीब 6:03 से 7:37 बजे तक
गुलिक काल: सुबह करीब 9:10 से 10:44 बजे तक
10 सितंबर 2026 के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:53 बजे से दोपहर 12:42 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह करीब 4:31 बजे से 5:17 बजे तक
प्रदोष काल: सूर्यास्त के बाद शाम करीब 6:32 बजे से 8:02 बजे तक
शुभ मुहूर्त का उपयोग पूजा, धार्मिक अनुष्ठान और अन्य शुभ कार्यों के लिए किया जा सकता है। किसी विशेष संस्कार या महत्वपूर्ण कार्य के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना बेहतर माना जाता है।
10 सितंबर को मासिक शिवरात्रि
10 सितंबर को मासिक शिवरात्रि का पर्व है। पंचांग के अनुसार भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी 9 सितंबर दोपहर 12:30 बजे से शुरू होकर 10 सितंबर सुबह 10:33 बजे तक रहेगी। शिवरात्रि की निशीथ पूजा का समय रात 11:55 बजे से 12:41 बजे तक रहेगा।
इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने की धार्मिक मान्यता है। श्रद्धालु शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं।