स्कंद षष्ठी व्रत 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, व्रत नियम और माता पार्वती स्तोत्र का पाठ

Skanda Sashti Vrat 2026 in Hindi: जानिए स्कंद षष्ठी व्रत 2026 की सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत नियम, भगवान कार्तिकेय के मंत्र और माता पार्वती स्तोत्र का पाठ। इस व्रत से मिलती है विजय, साहस, संतान सुख और जीवन की बाधाओं से मुक्ति।

Published On 2026-02-22 10:12 GMT   |   Update On 2026-02-22 10:12 GMT

स्कंद षष्ठी व्रत 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और माता पार्वती के स्तोत्र का पाठ

Skanda Sashti Vrat 2026 in Hindi: हिंदू धर्म में स्कंद षष्ठी भगवान कार्तिकेय (स्कंद/मुरुगन), जो भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र हैं, को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। इस दिन उपवास रखकर और भक्ति-भाव से पूजा-अर्चना करने से जीवन में सभी बाधाएं दूर होने, यश-वैभव की वृद्धि और संतान सुख की प्राप्ति होती है।

2026 में स्कंद षष्ठी का व्रत कई महीनों में शुक्ल षष्ठी तिथि के रूप में होता है, लेकिन मुख्य व्रत 22 फरवरी 2026, रविवार को रखा जा रहा है।

स्कंद षष्ठी 2026 कब है?

स्कंद षष्ठी व्रत: 22 फरवरी 2026 (रविवार)

तिथि शुरू: 22 फरवरी 2026 सुबह के समय

तिथि समाप्त: 23 फरवरी 2026 सुबह तक

यह व्रत भगवान कार्तिकेय की ऊर्जा, शक्ति और विजय के लिए समर्पित माना जाता है।

स्कंद षष्ठी का धार्मिक महत्व

स्कंद षष्ठी का व्रत भगवान कार्तिकेय (स्कंद / मुरुगन) की पूजा और ध्यान के लिए रखा जाता है, जो वीरता, साहस, बुद्धि और नकारात्मक ताकतों पर विजय का प्रतीक हैं। माता पार्वती और भगवान शिव के पुत्र के रूप में स्कंद की कृपा से व्रती की सभी बाधाएं दूर होती मानी जाती हैं।

धार्मिक मान्यता है कि अगर श्रद्धा और भक्तिभाव से स्कंद षष्ठी व्रत किया जाए तो व्यक्तियों को सफलता, मनोबल और मानसिक शक्ति की प्राप्ति होती है।

स्कंद षष्ठी व्रत पूजा विधि (Step by Step)

सुबह स्नान और स्वच्छता

स्कंद षष्ठी के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को साफ रखें।

पूजा स्थान तैयार करें

भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की मूर्ति या तस्वीर को पूजा स्थल पर स्थापित करें।

दीपक तथा धूप

दीपक और अगरबत्ती जलाकर पूजा प्रारंभ करें।

पुष्प एवं पंचामृत

भगवान कार्तिकेय को पुष्प, मोदक और पंचामृत (दूध, दही, शहद, घी आदि) अर्पित करें।

मंत्र जाप और स्तोत्र

भक्ति-भाव से नीचे दिए मंत्रों और स्तोत्र का पाठ करें।

उपवास और दान

दिनभर व्रत रखें और जरूरतमंदों को दान-पुण्य करें।

स्कंद षष्ठी व्रत के प्रमुख मंत्र और स्तोत्र

1. “ॐ कार्तिकेयाय नमः”

यह सरल और प्रभावी मंत्र भगवान कार्तिकेय को समर्पित है।

2. “शरवणभवाय नमः”

इस मंत्र का जाप वीरता, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए किया जाता है।

माता पार्वती स्तोत्र

आप माता पार्वती के प्रेम और कृपा के लिए निम्न स्तोत्र का पाठ कर सकते हैं:

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