प्रदोष व्रत 2026: मार्च में कब-कब है तिथि? जानें रवि और सोम प्रदोष व्रत की तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

मार्च 2026 में कुल 3 प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं। जानें 1 मार्च रवि प्रदोष व्रत, 16 मार्च सोम प्रदोष व्रत और 30 मार्च सोम प्रदोष व्रत की सही तिथि, प्रदोष काल का शुभ मुहूर्त और भगवान शिव-पार्वती की पूजा विधि। पढ़ें पूरी धार्मिक जानकारी।

Published On 2026-02-24 16:50 GMT   |   Update On 2026-02-24 16:50 GMT

प्रदोष व्रत 2026: मार्च में कब-कब है तिथि, शुभ मुहूर्त, और पूजा विधि

Pradosh Vrat March 2026: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक अत्यंत शुभ व्रत माना जाता है। यह व्रत त्रयोदशी तिथि के प्रदोष काल (शाम के समय) में रखा जाता है, जब सूर्यास्त से पहले और बाद का अवधि शुभ माना जाता है। इस व्रत से मानसिक शांति, विघ्नों का नाश और समृद्धि के मार्ग खुलने की मान्यता रही है ,मान्यता है कि इस दिन संध्या काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यहां हम बात करने जा रहे हैं मार्च में पड़ने वाले प्रदोष व्रत के बारे में, आपको बता दें मार्च में कुल 3 प्रदोष व्रत पड़ने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इनकी तिथि और पूजा के शुभ मुहूर्त के बारे में।

मार्च का पहला प्रदोष व्रत कब है? (March Pradosh Vrat 2026)

वैदिक पंचांग के मुताबिक मार्च 2026 का पहला प्रदोष व्रत फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन पड़ेगा। इस दिन ये तिथि 28 फरवरी को रात 08 बजकर 43 मिनट पर शुरू हो रही है। वहीं अगले दिन 01 मार्च को रविवार के दिन शाम 09 बजकर 11 मिनट पर इस तिथि का अंत होगा। ऐसे में मार्च माह का पहला प्रदोष व्रत 01 मार्च को रखा जाएगा। वहीं रविवार को पड़ने के कारण ये व्रत रवि प्रदोष व्रत रखा जाएगा।

रवि प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त

फ्यूचर पंचांग के अनुसार पूजा का शुभ मुहूर्त 01 मार्च को शाम 06 बजकर 21 मिनट पर आरंभ होगा। वहीं इस शुभ मुहूर्त का अंत शाम के 07 बजकर 08 मिनट पर होगा। इस बीच में आप भगवान शिव की पूजा- अर्चना कर सकते हैं। 

मार्च का दूसरा प्रदोष व्रत? (March Pradosh Vrat 2026)

फ्यूचर पंचांग के अनुसार दूसरा प्रदोष व्रत चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन पड़ेगा। यह तिथि 16 मार्च को सुबह 09 बजकर 41 मिनट पर आरंभ होगी। वहीं इस तिथि का अंत 17 मार्च को सुबह 09 बजकर 24 मिनट पर होगा। इसलिए यह व्रत 16 मार्च को रखा जाएगा। वहीं सोमवार को पड़ने की वजह से यह सोम प्रदोष व्रत कहलाएगा। 

सोम प्रदोष व्रत — 16 मार्च 2026 (सोमवार)

प्रदोष काल: शाम लगभग 06:48 बजे से 09:12 बजे तक (लगभग)

चैत्र कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि में व्रत रखा जाता है।

मार्च का तीसरा प्रदोष व्रत? (March Pradosh Vrat 2026)

फ्यूचर पंचांग के मुतािक चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 30 मार्च को सुबह 07 बजकर 08 मिनट पर आरंभ होगी। वहीं, 31 मार्च को त्रयोदशी तिथि सुबह 06 बजकर 56 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में 30 मार्च को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। यह व्रत सोमवार के दिन पड़ रहा है। इसके लिए यह सोम प्रदोष व्रत कहलाएगा।

पूजा का शुभ मुहूर्त

इस दिन भगवान शिव की पूजा का शुभ समय शाम 06 बजकर 38 मिनट से लेकर 08 बजकर 57 मिनट तक है।

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