पद्मिनी एकादशी 2026: जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, पारण समय और महत्व

Padmini Ekadashi 2026 Date: जानें पद्मिनी/पुरुषोत्तम एकादशी 2026 कब है, पूजा विधि, पारण समय, शुभ मुहूर्त, व्रत कथा, मंत्र और विष्णु आरती।

Published On 2026-05-26 14:19 GMT   |   Update On 2026-05-26 14:19 GMT

पद्मिनी एकादशी 2026: जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, कथा, पारण समय और विष्णु आरती

Padmini Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि भगवान भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। अधिक मास में आने वाली शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मिनी एकादशी कहा जाता है। इसे पुरुषोत्तम एकादशी भी कहा जाता है और इसका धार्मिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत, पूजा और जप करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

पद्मिनी एकादशी 2026 कब है?

पद्मिनी एकादशी व्रत: 27 जून 2026, शनिवार

एकादशी तिथि प्रारंभ: 26 जून 2026 रात लगभग 9:40 बजे

एकादशी तिथि समाप्त: 27 जून 2026 रात लगभग 11:15 बजे

उदया तिथि के अनुसार व्रत 27 जून 2026 को रखा जाएगा।

पद्मिनी एकादशी 2026 व्रत पारण का समय (Padmini Ekadashi 2026 Paran Time)

द्रिक पंचांग के अनुसार, पद्मिनी एकादशी व्रत का पारण 28 मई को किया जाएगा। इस दिन 05:25 ए एम से 07:56 ए एम व्रत खोलना उत्तम होगा। इस बात का ध्यान रखें कि एकादशी व्रत का पारण कभी भी हरि वासर के दौरान न करें।

पद्मिनी एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त(Padmini Ekadashi 2026 Shubh Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त – 04:15 ए एम से 04:59 ए एम

प्रातः सन्ध्या – 04:37 ए एम से 05:44 ए एम

विजय मुहूर्त – 02:18 पी एम से 03:09 पी एम

गोधूलि मुहूर्त – 06:34 पी एम से 06:56 पी एम

सायाह्न सन्ध्या – 06:35 पी एम से 07:42 पी एम

अमृत काल – 01:09 ए एम, मई 28 से 02:54 ए एम, मई 28

निशिता मुहूर्त – 11:47 पी एम से 12:32 ए एम, मई 28

पद्मिनी एकादशी 2026 चौघड़ियां मुहूर्त (Padmini Ekadashi 2026 Choghadiya Muhurat)

लाभ-उन्नति मुहूर्त-0 05:26 ए एम से 07:08 ए एम

अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त-07:08 ए एम से 08:52 ए एम

शुभ-उत्तम मुहूर्त- 10:35 ए एम से 12:18 पी एम

पद्मिनी एकादशी 2026 पर बन रहा शुभ संयोग

इस साल कमला एकादशी पर रवि योग के अलावा सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। द्रिक पंचांग के अनुसार, सर्वार्थ सिद्धि योग 05:44 ए एम से 05:56 ए एम तक और रवि योग 05:44 ए एम से 05:56 ए एम तक रहेगा।

पद्मिनी एकादशी पूजा विधि (Padmini Ekadashi 2026 Puja Vidhi)

पद्मिनी एकादशी पर सूर्योदय से पहले उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान करके साफ-सुथरे वस्त्र धारण कर लें। अगर आप व्रत रख रहे हैं, तो श्री विष्णु का मनन करते हुए व्रत का संकल्प लें। संकल्प लेने के बाद एक तांबे के लोटे में जल, फूल, लाल सिंदूर आदि डालकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें। इसके बाद भी विष्णु की पूजा प्रारंभ करें। सबसे पहले एक कुश या फिर किसी अन्य आसन में बैठ जाएं। फिर विष्णु जी को जल से आचमन करें। अगर मूर्ति धातु से बनी हुई है, तो पंचामृत, दही, गंगाजल आदि से स्नान कराएं। फिर फूल, माला, पीला चंदन, अक्षत, वस्त्र आदि चढ़ाने के बाद फल, मिठाई, मीठी खीर का भोग लगाएं। इसके बाद घी का दीपक और धूप जलाकर विष्णु मंत्र, विष्णु चालीसा का पाठ करने के साथ एकादशी की व्रत कथा का पाठ कर लें। अंत में आरती करके भूल चूक के लिए माफी मांग लें और दिनभर फलाहारी व्रत रखें। अगले दिन द्वादशी पर व्रत का पारण कर लें।

पद्मिनी एकादशी मंत्र

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥

विष्णु गायत्री मंत्र

ॐ नारायणाय विद्महे

वासुदेवाय धीमहि

तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥

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