पद्मिनी एकादशी 2026: कब है पुरुषोत्तम एकादशी? जानें शुभ मुहूर्त, पारण समय और महत्व
Padmini Ekadashi 2026 Date: जानें पद्मिनी एकादशी 2026 कब है, व्रत पारण का समय, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पुरुषोत्तम एकादशी का धार्मिक महत्व।
पद्मिनी एकादशी 2026: कब है पुरुषोत्तम एकादशी? जानें शुभ मुहूर्त, पारण समय और महत्व
Padmini Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को भगवान भगवान विष्णु की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। अधिक मास में आने वाली एकादशी का महत्व और भी बढ़ जाता है।
साल 2026 में पड़ने वाली पद्मिनी एकादशी, जिसे पुरुषोत्तम एकादशी भी कहा जाता है, अत्यंत पुण्यदायी मानी जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत और पूजा करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है। एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा करने वाला अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इन्हें में से अधिक मास में पड़ने वाली एकादशी पुण्यदायी मानी जाती है। पद्मिनी एकादशी तीन साल के बाद आती है। इसलिए इस एकादशी को अन्य एकादशी से दुर्लभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष को पड़ने वाली एकादशी को पद्मिनी एकादशी के अलावा पुरुषोत्तम एकादशी, कमला एकादशी के नाम से भी जानते हैं। आइए जानते हैं पद्मिनी एकादशी की सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पारण का समय और धार्मिक महत्व…
पद्मिनी एकादशी 2026 कब है?
पद्मिनी एकादशी व्रत: 27 जून 2026, शनिवार
एकादशी तिथि प्रारंभ: 26 जून 2026 रात लगभग 9:40 बजे
एकादशी तिथि समाप्त: 27 जून 2026 रात लगभग 11:15 बजे
उदया तिथि के अनुसार पद्मिनी एकादशी का व्रत 27 जून 2026 को रखा जाएगा।
पद्मिनी एकादशी 2026 व्रत पारण का समय (Padmini Ekadashi 2026 Paran Time)
द्रिक पंचांग के अनुसार, पद्मिनी एकादशी व्रत का पारण 28 मई को किया जाएगा। इस दिन 05:25 ए एम से 07:56 ए एम व्रत खोलना उत्तम होगा। इस बात का ध्यान रखें कि एकादशी व्रत का पारण कभी भी हरि वासर के दौरान न करें।
पद्मिनी एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त(Padmini Ekadashi 2026 Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त – 04:15 ए एम से 04:59 ए एम
प्रातः सन्ध्या – 04:37 ए एम से 05:44 ए एम
विजय मुहूर्त – 02:18 पी एम से 03:09 पी एम
गोधूलि मुहूर्त – 06:34 पी एम से 06:56 पी एम
सायाह्न सन्ध्या – 06:35 पी एम से 07:42 पी एम
अमृत काल – 01:09 ए एम, मई 28 से 02:54 ए एम, मई 28
निशिता मुहूर्त – 11:47 पी एम से 12:32 ए एम, मई 28
इस साल अधिकमास में पड़ने वाली पद्मिनी एकादशी पर रवि के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। बता दें कि सर्वार्थ सिद्धि योग 05:44 ए एम से 05:56 ए एम और रवि योग 05:44 ए एम से 05:56 ए एम तक रहेगा।
पद्मिनी एकादशी 2026 महत्व
अधिकमास में पड़ने वाली पद्मिनी एकादशी का विशेष महत्व है, क्योंकि ये तीन साल बाद आदि है। वैसे तो साल में कुल 24 एकादशी होती है। लेकिन इस साल अधिकमास होने के कारण कुल 26 एकादशी पड़ने वाली है। इन्हें में से एक पद्मिनी एकादशी है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ व्रत रखने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति हो सकती है। आपके द्वारा किए गए पापों से मुक्ति मिलने के साथ-साथ सुख-समृद्धि की प्राप्ति हो सकती है।