कामिका एकादशी 2026: कब है? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पारण समय, पूजा-विधि, व्रत नियम और धार्मिक महत्व

कामिका एकादशी 2026 कब है? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, व्रत पारण का समय, पूजा-विधि, व्रत नियम, मंत्र और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का धार्मिक महत्व।

Published On 2026-07-28 16:48 GMT   |   Update On 2026-07-28 16:48 GMT

कामिका एकादशी 2026: कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा-विधि, व्रत नियम और धार्मिक महत्व

कामिका एकादशी सावन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है और भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत, पूजा और भगवान विष्णु के नाम का स्मरण करने से पापों से मुक्ति तथा पुण्य की प्राप्ति होती है। वर्ष 2026 में कामिका एकादशी का व्रत 9 अगस्त (रविवार) को रखा जाएगा।

कामिका एकादशी 2026 कब है (Kamika Ekadashi Kab Hai)

वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 9 अगस्त 2026 को रात 3 बजकर 29 मिनट से आरंभ होगी और उसी दिन रात 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगी। हालांकि, उदया तिथि के अनुसार कामिका एकादशी का व्रत 8 अगस्त 2026 को रखा जाएगा।

कामिका एकादशी पर शुभ मुहूर्त और योग

पंचांग के अनुसार कामिका एकादशी के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। यह शुभ योग सुबह 6 बजकर 3 मिनट से 6 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। धार्मिक मान्यता है कि इस योग में भगवान विष्णु की पूजा और दान-पुण्य करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।

कामिका एकादशी 2026 कब है (Kamika Ekadashi Kab Hai)

वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 9 अगस्त 2026 को रात 3 बजकर 29 मिनट से आरंभ होगी और उसी दिन रात 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगी। हालांकि, उदया तिथि के अनुसार कामिका एकादशी का व्रत 8 अगस्त 2026 को रखा जाएगा।

कामिका एकादशी पर शुभ मुहूर्त और योग

पंचांग के अनुसार कामिका एकादशी के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। यह शुभ योग सुबह 6 बजकर 3 मिनट से 6 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। धार्मिक मान्यता है कि इस योग में भगवान विष्णु की पूजा और दान-पुण्य करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।

कामिका एकादशी व्रत का पारण समय

व्रत का पारण अगले दिन यानी 9 अगस्त को किया जाएगा। वहीं पारण का शुभ समय सुबह 6 बजकर 5 मिनट से 8 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।

कामिका धार्मिक महत्व

सनातन धर्म में कामिका एकादशी को मोक्षदायिनी और पुण्यफल प्रदान करने वाली एकादशी कहा गया है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की श्रद्धापूर्वक पूजा, व्रत, भजन-कीर्तन, तुलसी पूजन करने से तीर्थ स्नान के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति के जाने-अनजाने में हुए पाप नष्ट होते हैं। साथ ही परिवार में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है। वहीं भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस दिन तुलसी के पत्तों से भगवान विष्णु का पूजन विशेष फलदायी माना जाता है।

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